Remedywala

Categories
Archives
Lapis Lazuli David Star Shape Frame Pendant
Lapis Lazuli David Star Shape Frame Pendant
₹999₹357
Shop Now
Geopathic Stress Neutralizer Rod 12 Inch (Brass)
Geopathic Stress Neutralizer Rod 12 Inch (Brass)
₹3535₹2535
Shop Now
Siddh Shri Sampurna Yantram(6.5 inch)
Siddh Shri Sampurna Yantram(6.5 inch)
₹2599₹1600
Shop Now
Unakite Pencil Pendant
Unakite Pencil Pendant
₹599₹299
Shop Now
Black Tourmaline Oval Shape Rough Stone Pendant
Black Tourmaline Oval Shape Rough Stone Pendant
₹1099₹484
Shop Now
Red Aventurine Oval Shape Pendant
Red Aventurine Oval Shape Pendant
₹1099₹399
Shop Now

Lakshman Aarti | लक्ष्मण जी की आरती | Ram Lakshman Aarti in English

लक्ष्मण जी की आरती आरती लक्ष्मण बालजती की असुर संहारन प्राणपति की जगमग ज्योति अवधपुर राजे शेषाचल पै आप विराजे घंटा ताल पखावज बाजे कोटि देव मुनि आरती साजे किरीट मुकुट कर धनुष विराजे तीन लोक जाकी शोभा राजे कंचन थार कपूर सुहाई आरती करत सुमित्रा माई आरती कीजे हरी की तैसी ध्रुव प्रहलाद विभीषण जैसी प्रेम मगन होय आरती गावै बसि वैकुण्ठ बहुरि नहीं आवै भक्ति हेतु हरि ध्यान लगावै जन घनश्याम परमपद पावै Lakshman Aarti Aarti Lakshman Baaljati Ki Asur Sanhaaran Praanpati Ki Jagmag Jyoti Avadhpur Raaje Sheshachal Pai Aap Viraaje Ghanta Taal Pakhawaj Baaje Koti Dev Muni Aarti Saaje Kirit Mukut Kar Dhanush Viraaje Teen Lok Jaaki Shobha Raaje Kanchan Thar Kapoor Suhaai Aarti Karat Sumitra Mai

Read More »

Maa Jagdamba Aarti | जगदम्बा माता जी की आरती | Jagdamba Mata Ki Aarti

जगदम्बा माता जी की आरती आरती कीजे शैल सुता की जग्दाम्बजी की, स्नेह सुधा सुख सुन्दर लीजै, जिनके नाम लेट दृग भीजै, ऐसी वह माता वसुधा की आरती कीजे शैल सुता की जग्दाम्बजी की, || आरती कीजे || पाप विनाशिनी कलि मॉल हारिणी, दयामयी भवसागर तारिणी शस्त्र धारिणी शैल विहारिणी, बुधिराशी गणपति माता की आरती कीजे शैल सुता की जग्दाम्बजी की, || आरती कीजे || सिंहवाहिनी मातु भवानी, गौरव गान करें जग प्राणी शिव के हृदयासन की रानी, करें आरती मिल- जुल ताकि आरती कीजे शैल सुता की जग्दाम्बजी की, || आरती कीजे || Maa Jagdamba Aarti Aarti Kije Shail Suta Ki Jagdambaji, Sneh Sudha Sukh Sundar Lije, Jinke Naam Let Drig Bhije, Aisi Vah Maataa Vasudhaa Ki Aarti Kije

Read More »

Shri Kuber Bhagwan Aarti | श्री कुबेर जी की आरती

श्री कुबेर जी की आरती ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष कुबेर हरे । शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े । दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… स्वर्ण सिंहासन बैठे, सिर पर छत्र फिरे । योगिनी मंगल गावैं, सब जय जय कार करैं ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… गदा त्रिशूल हाथ में, शस्त्र बहुत धरे । दुख भय संकट मोचन, धनुष टंकार करें ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… भांति भांति के, व्यंजन बहुत बने । मोहन भोग लगावैं, साथ में उड़द चने ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… बल बुद्धि विद्या दाता, हम तेरी शरण पड़े

Read More »

Tulsi Mata Aarti | तुलसी माता की आरती | आरती: जय तुलसी माता

तुलसी माता की आरती जय जय तुलसी माता सब जग की सुख दाता, वर दाता जय जय तुलसी माता ।। सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर रुज से रक्षा करके भव त्राता जय जय तुलसी माता।। बटु पुत्री हे श्यामा, सुर बल्ली हे ग्राम्या विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता जय जय तुलसी माता ।। हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वन्दित पतित जनो की तारिणी विख्याता जय जय तुलसी माता ।। लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में मानवलोक तुम्ही से सुख संपति पाता जय जय तुलसी माता ।। हरि को तुम अति प्यारी, श्यामवरण तुम्हारी प्रेम अजब हैं उनका तुमसे कैसा नाता जय जय तुलसी माता ।। Tulsi Mata Aarti Jai

Read More »

Mangalvar Vrat Aarti | मंगलवार व्रत की आरती | Hanuman Aarti

मंगलवार व्रत की आरती मंगल मूरति जय जय हनुमन्ता, मंगल मंगल देव अनन्ता हाथ वज्र और ध्वजा विराजे, कांधे मूंज जनेउ साजे शंकर सुवन केसरी नन्दन, तेज प्रताप महा जग वन्दन॥ लाल लंगोट लाल दोउ नयना, पर्वत सम फारत है सेना काल अकाल जुद्ध किलकारी, देश उजारत क्रुद्ध अपारी॥ राम दूत अतुलित बलधामा, अंजनि पुत्र पवन सुत नामा महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी॥ भूमि पुत्र कंचन बरसावे, राजपाट पुर देश दिवाव शत्रुन काट-काट महिं डारे, बन्धन व्याधि विपत्ति निवारें॥ आपन तेज सम्हारो आपे, तीनो लोक हांक ते कांपै सब सुख लहैं तुम्हारी शरणा, तुम रक्षक काहू को डरना॥ तुम्हरे भजन सकल संसारा, दया करो सुख दृष्टि अपारा रामदण्ड कालहु को दण्डा, तुमरे परस होत सब खण्डा॥ पवन

Read More »

Shakumbhari Devi Aarti | शाकुम्भरी माता की आरती | Shakambhari Mata

शाकुम्भरी माता की आरती हरी ॐ श्री शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो ऐसी अदभुत रूप ह्रदय धर लीजो शताक्षी दयालु की आरती कीजो तुम परिपूर्ण आदि भवानी माँ, सब घट तुम आप बखानी माँ शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो तुम्ही हो शाकुम्भर, तुम ही हो सताक्षी माँ शिवमूर्ति माया प्रकाशी माँ, शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो नित जो नर– नारी अम्बे आरती गावे माँ इच्छा पूर्ण कीजो, शाकुम्भर दर्शन पावे माँ शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो जो नर आरती पढ़े पढावे माँ, जो नर आरती सुनावे माँ बस बैकुंठ शाकुम्भर दर्शन पावे शाकुम्भरी अंबा जी की आरती कीजो Shakumbhari Devi Aarti Hari Om Shri Shakumbhari Amba Ji Ki Aarti Kijo Aisi Adbhut Rup Hriday Dhar Lijo,

Read More »

Deva Ho Deva Ganpati Deva | देवा हो देवा गणपति देवा: | Ganpati Vandna

देवा हो देवा गणपति देवा: गणपति बाप्पा मोरया, मंगल मूर्ती मोरया मोरया रे, बाप्पा मोरया रे देवा हो देवा, गणपति देवा, तुमसे बढ़कर कौन स्वामी तुमसे बढ़कर कौन और तुम्हारे भक्तजनों में, हमसे बढ़कर कौन हमसे बढ़कर कौन देवा हो देवा, गणपति देवा, तुमसे बढ़कर कौन स्वामी तुमसे बढ़कर कौन अद्भुत रूप ये काया भारी, महिमा बड़ी है दर्शन की प्रभु महिमा बड़ी है दर्शन की बिन मांगे पूरी हो जाए, जो भी इच्छा हो मन की प्रभु जो भी इच्छा हो मन की गणपति बाप्पा मोरया, मंगल मूर्ती मोरया देवा हो देवा, गणपति देवा, तुमसे बढ़कर कौन स्वामी तुमसे बढ़कर कौन और तुम्हारे भक्तजनों में, हमसे बढ़कर कौन हमसे बढ़कर कौन छोटी सी आशा लाया हूँ छोटे से मन

Read More »

Chamunda Devi Aarti | माँ चामुण्डा देवी जी की आरती | Chamunda Mata Ki Aarti

माँ चामुण्डा देवी जी की आरती जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति । तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री ॥टेक॥ मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को । उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको ॥जय॥ कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजै। रक्तपुष्प गल माला कंठन पर साजै ॥जय॥ केहरि वाहन राजत खड्ग खप्परधारी । सुर-नर मुनिजन सेवत तिनके दुःखहारी ॥जय॥ कानन कुण्डल शोभित नासाग्रे मोती । कोटिक चंद्र दिवाकर राजत समज्योति ॥जय॥ शुम्भ निशुम्भ बिडारे महिषासुर घाती । धूम्र विलोचन नैना निशिदिन मदमाती ॥जय॥ चौंसठ योगिनि मंगल गावैं नृत्य करत भैरू। बाजत ताल मृदंगा अरू बाजत डमरू ॥जय॥ भुजा चार अति शोभित खड्ग खप्परधारी। मनवांछित फल पावत सेवत नर नारी ॥जय॥ कंचन थाल विराजत अगर कपूर बाती । श्री मालकेतु

Read More »

Yogmaya devi Aarti | मां योगमाया की आरती | Maa Yogmaya

मां योगमाया की आरती ॐ जय माँ योगमाया ॐ जय श्री योगमाया । भक्त जनों को अपने… दे शीतल छाया ॥ ॐ जय श्री… तुम देवी कुलरक्षक ग्वालों की दाती । कल्याणी कष्टों को… क्षण में दूर करती ॥ ॐ जय श्री… तुम हो शक्ति धरा की महिमा हो नग की । पूर्ण हो करती इच्छा… तुम सबके मन की ॥ ॐ जय श्री… हम पर कृपा सदा हो मैय्या ये वर दो । दर्शन दो हे माता… हमें धन्य कर दो ॥ ॐ जय श्री … भक्त जनों को अपने… दे शीतल छाया ॥ ॐ जय श्री… ॥ इति मां योगमाया आरती संपूर्णम् ॥ Yogmaya Devi Aarti Om Jai Maa Yogmaya Om Jai Shree Yogmaya . Bhakt Jano Ko

Read More »

Maa Brahmacharini Aarti | मां ब्रह्माचारिणी की आरती | Brahmacharini mantra

मां ब्रह्माचारिणी की आरती जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता । जय चतुरानन प्रिय सुख दाता ॥ ब्रह्मा जी के मन भाती हो । ज्ञान सभी को सिखलाती हो ॥ ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा । जिसको जपे सकल संसारा ॥ जय गायत्री वेद की माता । जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता ॥ कमी कोई रहने न पाए । कोई भी दुख सहने न पाए ॥ उसकी विरति रहे ठिकाने । जो ​तेरी महिमा को जाने ॥ रुद्राक्ष की माला ले कर । जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर ॥ आलस छोड़ करे गुणगाना । मां तुम उसको सुख पहुंचाना ॥ ब्रह्माचारिणी तेरो नाम । पूर्ण करो सब मेरे काम ॥ भक्त तेरे चरणों का पुजारी । रखना लाज मेरी महतारी

Read More »
Siddh Rog Nivaran Yantra 1.5in
Siddh Rog Nivaran Yantra 1.5in
₹1099₹766
Shop Now
Mahamrityunjay Wooden Base Yantra
Mahamrityunjay Wooden Base Yantra
₹1099₹399
Shop Now
Panchdhatu Tara Poojan Yantra
Panchdhatu Tara Poojan Yantra
₹2099₹1099
Shop Now
Green Jade Shiva Lingam
Green Jade Shiva Lingam
Shop Now
Siddh Shri Kanakdhara Yantram(4 inch)
Siddh Shri Kanakdhara Yantram(4 inch)
₹2599₹1600
Shop Now
Shree Raahu Yantra, Raahu Yantram (4.5 x 4cm approx)
Shree Raahu Yantra, Raahu Yantram (4.5 x 4cm approx)
₹1099₹399
Shop Now
Categories
Archives

Deva Ho Deva Ganpati Deva | देवा हो देवा गणपति देवा: | Ganpati Vandna

देवा हो देवा गणपति देवा: गणपति बाप्पा मोरया, मंगल मूर्ती मोरया मोरया रे, बाप्पा मोरया रे देवा हो देवा, गणपति देवा, तुमसे बढ़कर कौन स्वामी

Read More »

Chamunda Devi Aarti | माँ चामुण्डा देवी जी की आरती | Chamunda Mata Ki Aarti

माँ चामुण्डा देवी जी की आरती जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति । तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री ॥टेक॥ मांग सिंदूर बिराजत

Read More »

Related Products

My Cart
Wishlist
Recently Viewed
Categories