Remedywala

Categories
Archives
Green Aventurine Double Terminated Pendant
Green Aventurine Double Terminated Pendant
₹1099₹199
Shop Now
Petrified Wood Bracelet 8mm with Ring Charm
Petrified Wood Bracelet 8mm with Ring Charm
₹1099₹729
Shop Now
Natural Himalayan Rock Salt Crystal Lamp (3-5Kg)
Natural Himalayan Rock Salt Crystal Lamp (3-5Kg)
₹2599₹1654
Shop Now
Amethyst Raw Stone Pendant
Amethyst Raw Stone Pendant
₹1096₹358
Shop Now
Black Tourmaline Pyramid Energy Generator
Black Tourmaline Pyramid Energy Generator
₹1599₹817
Shop Now
Remedywala Vastu Red Triangular clockwise Spring
Remedywala Vastu Red Triangular clockwise Spring
₹1099₹223
Shop Now

Shri Gauri Nandan Aarti | ॐ गणेश जय गौरी नंदन | Ganpati Aarti

ॐ गणेश जय गौरी नंदन ॐ जय गौरी नंदन, प्रभु जय गौरी नंदन गणपति विघ्न निकंदन, मंगल निःस्पंदन || ॐ जय || ऋद्धि सिद्धियाँ जिनके, नित ही चंवर करे करिवर मुख सुखकारक, गणपति विघ्न हरे || ॐ जय || देवगणों में पहले तव पूजा होती तब मुख छवि भक्तो के निदारिद खोती || ॐ जय || गुड़ का भोग लगत हैं कर मोदक सोहे ऋद्धि सिद्धि सह-शोभित, त्रिभुवन मन मोहै || ॐ जय || लंबोदर भय हारी, भक्तो के त्राता मातृ-भक्त हो तुम्ही, वाँछित फल दाता || ॐ जय || मूषक वाहन राजत, कनक छत्रधारी विघ्नारण्यदवानल, शुभ मंगलकारी || ॐ जय || धरणीधर कृत आरती गणपति की गावे सुख संपत्ति युक्त होकर वह वांछित पावे || ॐ जय || Gauri

Read More »

Lakshman Aarti | लक्ष्मण जी की आरती | Ram Lakshman Aarti in English

लक्ष्मण जी की आरती आरती लक्ष्मण बालजती की असुर संहारन प्राणपति की जगमग ज्योति अवधपुर राजे शेषाचल पै आप विराजे घंटा ताल पखावज बाजे कोटि देव मुनि आरती साजे किरीट मुकुट कर धनुष विराजे तीन लोक जाकी शोभा राजे कंचन थार कपूर सुहाई आरती करत सुमित्रा माई आरती कीजे हरी की तैसी ध्रुव प्रहलाद विभीषण जैसी प्रेम मगन होय आरती गावै बसि वैकुण्ठ बहुरि नहीं आवै भक्ति हेतु हरि ध्यान लगावै जन घनश्याम परमपद पावै Lakshman Aarti Aarti Lakshman Baaljati Ki Asur Sanhaaran Praanpati Ki Jagmag Jyoti Avadhpur Raaje Sheshachal Pai Aap Viraaje Ghanta Taal Pakhawaj Baaje Koti Dev Muni Aarti Saaje Kirit Mukut Kar Dhanush Viraaje Teen Lok Jaaki Shobha Raaje Kanchan Thar Kapoor Suhaai Aarti Karat Sumitra Mai

Read More »

Maa Brahmacharini Aarti | मां ब्रह्माचारिणी की आरती | Brahmacharini mantra

मां ब्रह्माचारिणी की आरती जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता । जय चतुरानन प्रिय सुख दाता ॥ ब्रह्मा जी के मन भाती हो । ज्ञान सभी को सिखलाती हो ॥ ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा । जिसको जपे सकल संसारा ॥ जय गायत्री वेद की माता । जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता ॥ कमी कोई रहने न पाए । कोई भी दुख सहने न पाए ॥ उसकी विरति रहे ठिकाने । जो ​तेरी महिमा को जाने ॥ रुद्राक्ष की माला ले कर । जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर ॥ आलस छोड़ करे गुणगाना । मां तुम उसको सुख पहुंचाना ॥ ब्रह्माचारिणी तेरो नाम । पूर्ण करो सब मेरे काम ॥ भक्त तेरे चरणों का पुजारी । रखना लाज मेरी महतारी

Read More »

Chandraghanta Mata ki Aarti | मां चंद्रघंटा की आरती | Durga Aarti

मां चंद्रघंटा की आरती जय मां चंद्रघंटा सुख धाम । पूर्ण कीजो मेरे सभी काम ॥ चंद्र समान तुम शीतल दाती । चंद्र तेज किरणों में समाती ॥ क्रोध को शांत करने वाली । मीठे बोल सिखाने वाली ॥ मन की मालक मन भाती हो । चंद्र घंटा तुम वरदाती हो ॥ सुंदर भाव को लाने वाली । हर संकट मे बचाने वाली ॥ हर बुधवार जो तुझे ध्याये । श्रद्धा सहित जो विनय सुनाएं ॥ मूर्ति चंद्र आकार बनाएं । सन्मुख घी की ज्योति जलाएं ॥ शीश झुका कहे मन की बाता । पूर्ण आस करो जगदाता ॥ कांचीपुर स्थान तुम्हारा । करनाटिका में मान तुम्हारा ॥ नाम तेरा रटूं महारानी । भक्त की रक्षा करो भवानी ॥ ॥

Read More »

Kushmanda mata ki Aarti | मां कूष्मांडा की आरती | durga Aarti

मां कूष्मांडा की आरती कूष्मांडा जय जग सुखदानी । मुझ पर दया करो महारानी ॥ पिगंला ज्वालामुखी निराली । शाकंबरी मां भोली भाली ॥ लाखों नाम निराले तेरे । भक्त कई मतवाले तेरे ॥ भीमा पर्वत पर है डेरा । स्वीकारो प्रणाम ये मेरा ॥ सबकी सुनती हो जगदम्बे । सुख पहुंचती हो मां अम्बे ॥ तेरे दर्शन का मैं प्यासा । पूर्ण कर दो मेरी आशा ॥ मां के मन में ममता भारी । क्यों ना सुनेगी अरज हमारी ॥ तेरे दर पर किया है डेरा । दूर करो मां संकट मेरा ॥ मेरे कारज पूरे कर दो । मेरे तुम भंडारे भर दो ॥ तेरा दास तुझे ही ध्याए । भक्त तेरे दर शीश झुकाए ॥ Kushmanda mata

Read More »

Skandmata Devi ki Aarti | मां स्कंदमाता की आरती | skandmata mantra

मां स्कंदमाता की आरती जय तेरी हो स्कंदमाता । पांचवां नाम तुम्हारा आता ॥ सब के मन की जानन हारी । जग जननी सब की महतारी ॥ तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं । हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं ॥ कई नामों से तुझे पुकारा । मुझे एक है तेरा सहारा ॥ कहीं पहाड़ों पर हैं डेरा । कई शहरो में तेरा बसेरा ॥ हर मंदिर में तेरे नजारे । गुण गाए तेरे भक्त प्यारे ॥ भक्ति अपनी मुझे दिला दो । शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो ॥ इंद्र आदि देवता मिल सारे । करे पुकार तुम्हारे द्वारे ॥ दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए । तुम ही खंडा हाथ उठाएं ॥ दास को सदा बचाने आईं । ‘चमन’ की आस

Read More »

Maa Katyayani Aarti | मां कात्यायनी की आरती | Devi Katyayani Aarti

मां कात्यायनी की आरती जय जय अम्बे, जय कात्यायनी । जय जगमाता, जग की महारानी ॥ बैजनाथ स्थान तुम्हारा । वहां वरदाती नाम पुकारा ॥ कई नाम हैं, कई धाम हैं । यह स्थान भी तो सुखधाम है ॥ हर मंदिर में जोत तुम्हारी । कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी ॥ हर जगह उत्सव होते रहते । हर मंदिर में भक्त हैं कहते ॥ कात्यायनी रक्षक काया की । ग्रंथि काटे मोह माया की ॥ झूठे मोह से छुड़ाने वाली । अपना नाम जपाने वाली ॥ बृहस्पतिवार को पूजा करियो । ध्यान कात्यायनी का धरियो ॥ हर संकट को दूर करेगी । भंडारे भरपूर करेगी ॥ जो भी मां को भक्त पुकारे । कात्यायनी सब कष्ट निवारे ॥ Maa Katyayani Aarti

Read More »

Shri Kuber Bhagwan Aarti | श्री कुबेर जी की आरती

श्री कुबेर जी की आरती ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष कुबेर हरे । शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े । दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… स्वर्ण सिंहासन बैठे, सिर पर छत्र फिरे । योगिनी मंगल गावैं, सब जय जय कार करैं ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… गदा त्रिशूल हाथ में, शस्त्र बहुत धरे । दुख भय संकट मोचन, धनुष टंकार करें ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… भांति भांति के, व्यंजन बहुत बने । मोहन भोग लगावैं, साथ में उड़द चने ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… बल बुद्धि विद्या दाता, हम तेरी शरण पड़े

Read More »

Tulsi Mata Aarti | तुलसी माता की आरती | आरती: जय तुलसी माता

तुलसी माता की आरती जय जय तुलसी माता सब जग की सुख दाता, वर दाता जय जय तुलसी माता ।। सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर रुज से रक्षा करके भव त्राता जय जय तुलसी माता।। बटु पुत्री हे श्यामा, सुर बल्ली हे ग्राम्या विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता जय जय तुलसी माता ।। हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वन्दित पतित जनो की तारिणी विख्याता जय जय तुलसी माता ।। लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में मानवलोक तुम्ही से सुख संपति पाता जय जय तुलसी माता ।। हरि को तुम अति प्यारी, श्यामवरण तुम्हारी प्रेम अजब हैं उनका तुमसे कैसा नाता जय जय तुलसी माता ।। Tulsi Mata Aarti Jai

Read More »

Mangalvar Vrat Aarti | मंगलवार व्रत की आरती | Hanuman Aarti

मंगलवार व्रत की आरती मंगल मूरति जय जय हनुमन्ता, मंगल मंगल देव अनन्ता हाथ वज्र और ध्वजा विराजे, कांधे मूंज जनेउ साजे शंकर सुवन केसरी नन्दन, तेज प्रताप महा जग वन्दन॥ लाल लंगोट लाल दोउ नयना, पर्वत सम फारत है सेना काल अकाल जुद्ध किलकारी, देश उजारत क्रुद्ध अपारी॥ राम दूत अतुलित बलधामा, अंजनि पुत्र पवन सुत नामा महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी॥ भूमि पुत्र कंचन बरसावे, राजपाट पुर देश दिवाव शत्रुन काट-काट महिं डारे, बन्धन व्याधि विपत्ति निवारें॥ आपन तेज सम्हारो आपे, तीनो लोक हांक ते कांपै सब सुख लहैं तुम्हारी शरणा, तुम रक्षक काहू को डरना॥ तुम्हरे भजन सकल संसारा, दया करो सुख दृष्टि अपारा रामदण्ड कालहु को दण्डा, तुमरे परस होत सब खण्डा॥ पवन

Read More »
Sphatik Shivling Crystal Clear Quartz Shiv Lingam
Sphatik Shivling Crystal Clear Quartz Shiv Lingam
₹4099₹2575
Shop Now
Green Jade Shiva Lingam
Green Jade Shiva Lingam
Shop Now
Kuber Yantra 2D Plate
Kuber Yantra 2D Plate
₹1599₹727
Shop Now
Siddh Shri Shani Yantram(4 inch)
Siddh Shri Shani Yantram(4 inch)
₹2099₹1099
Shop Now
Kaal Sarp Yog Nivaaran Yantra (3 inch)
Kaal Sarp Yog Nivaaran Yantra (3 inch)
₹1099₹399
Shop Now
Sri Vishnu Sudarshana Chakra Shankh
Sri Vishnu Sudarshana Chakra Shankh
₹1099₹399
Shop Now
Categories
Archives

Related Products

My Cart
Wishlist
Recently Viewed
Categories