.

Remedywala

Categories
Archives
Clear Quartz Crystal Pencil
Clear Quartz Crystal Pencil
₹499₹175
Shop Now
Apophylite Cluster 11
Apophylite Cluster 11
₹2500₹1200
Shop Now
Kunzite Wati Bracelet-  Remedywala
Kunzite Wati Bracelet- Remedywala
₹999₹618
Shop Now
Lava 7 Chakra Bracelet
Lava 7 Chakra Bracelet
₹999₹276
Shop Now
Selenite Crystal Polished Wand
Selenite Crystal Polished Wand
₹999₹499
Shop Now
Angelite Tumble Stone
Angelite Tumble Stone
Shop Now

Shri Gauri Nandan Aarti | ॐ गणेश जय गौरी नंदन | Ganpati Aarti

ॐ गणेश जय गौरी नंदन ॐ जय गौरी नंदन, प्रभु जय गौरी नंदन गणपति विघ्न निकंदन, मंगल निःस्पंदन || ॐ जय || ऋद्धि सिद्धियाँ जिनके, नित ही चंवर करे करिवर मुख सुखकारक, गणपति विघ्न हरे || ॐ जय || देवगणों में पहले तव पूजा होती तब मुख छवि भक्तो के निदारिद खोती || ॐ जय || गुड़ का भोग लगत हैं कर मोदक सोहे ऋद्धि सिद्धि सह-शोभित, त्रिभुवन मन मोहै || ॐ जय || लंबोदर भय हारी, भक्तो के त्राता मातृ-भक्त हो तुम्ही, वाँछित फल दाता || ॐ जय || मूषक वाहन राजत, कनक छत्रधारी विघ्नारण्यदवानल, शुभ मंगलकारी || ॐ जय || धरणीधर कृत आरती गणपति की गावे सुख संपत्ति युक्त होकर वह वांछित पावे || ॐ जय || Gauri

Read More »

Lakshman Aarti | लक्ष्मण जी की आरती | Ram Lakshman Aarti in English

लक्ष्मण जी की आरती आरती लक्ष्मण बालजती की असुर संहारन प्राणपति की जगमग ज्योति अवधपुर राजे शेषाचल पै आप विराजे घंटा ताल पखावज बाजे कोटि देव मुनि आरती साजे किरीट मुकुट कर धनुष विराजे तीन लोक जाकी शोभा राजे कंचन थार कपूर सुहाई आरती करत सुमित्रा माई आरती कीजे हरी की तैसी ध्रुव प्रहलाद विभीषण जैसी प्रेम मगन होय आरती गावै बसि वैकुण्ठ बहुरि नहीं आवै भक्ति हेतु हरि ध्यान लगावै जन घनश्याम परमपद पावै Lakshman Aarti Aarti Lakshman Baaljati Ki Asur Sanhaaran Praanpati Ki Jagmag Jyoti Avadhpur Raaje Sheshachal Pai Aap Viraaje Ghanta Taal Pakhawaj Baaje Koti Dev Muni Aarti Saaje Kirit Mukut Kar Dhanush Viraaje Teen Lok Jaaki Shobha Raaje Kanchan Thar Kapoor Suhaai Aarti Karat Sumitra Mai

Read More »

Skandmata Devi ki Aarti | मां स्कंदमाता की आरती | skandmata mantra

मां स्कंदमाता की आरती जय तेरी हो स्कंदमाता । पांचवां नाम तुम्हारा आता ॥ सब के मन की जानन हारी । जग जननी सब की महतारी ॥ तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं । हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं ॥ कई नामों से तुझे पुकारा । मुझे एक है तेरा सहारा ॥ कहीं पहाड़ों पर हैं डेरा । कई शहरो में तेरा बसेरा ॥ हर मंदिर में तेरे नजारे । गुण गाए तेरे भक्त प्यारे ॥ भक्ति अपनी मुझे दिला दो । शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो ॥ इंद्र आदि देवता मिल सारे । करे पुकार तुम्हारे द्वारे ॥ दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए । तुम ही खंडा हाथ उठाएं ॥ दास को सदा बचाने आईं । ‘चमन’ की आस

Read More »

Maa Katyayani Aarti | मां कात्यायनी की आरती | Devi Katyayani Aarti

मां कात्यायनी की आरती जय जय अम्बे, जय कात्यायनी । जय जगमाता, जग की महारानी ॥ बैजनाथ स्थान तुम्हारा । वहां वरदाती नाम पुकारा ॥ कई नाम हैं, कई धाम हैं । यह स्थान भी तो सुखधाम है ॥ हर मंदिर में जोत तुम्हारी । कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी ॥ हर जगह उत्सव होते रहते । हर मंदिर में भक्त हैं कहते ॥ कात्यायनी रक्षक काया की । ग्रंथि काटे मोह माया की ॥ झूठे मोह से छुड़ाने वाली । अपना नाम जपाने वाली ॥ बृहस्पतिवार को पूजा करियो । ध्यान कात्यायनी का धरियो ॥ हर संकट को दूर करेगी । भंडारे भरपूर करेगी ॥ जो भी मां को भक्त पुकारे । कात्यायनी सब कष्ट निवारे ॥ Maa Katyayani Aarti

Read More »

Shri Kuber Bhagwan Aarti | श्री कुबेर जी की आरती

श्री कुबेर जी की आरती ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष कुबेर हरे । शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े । दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… स्वर्ण सिंहासन बैठे, सिर पर छत्र फिरे । योगिनी मंगल गावैं, सब जय जय कार करैं ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… गदा त्रिशूल हाथ में, शस्त्र बहुत धरे । दुख भय संकट मोचन, धनुष टंकार करें ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… भांति भांति के, व्यंजन बहुत बने । मोहन भोग लगावैं, साथ में उड़द चने ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… बल बुद्धि विद्या दाता, हम तेरी शरण पड़े

Read More »

Tulsi Mata Aarti | तुलसी माता की आरती | आरती: जय तुलसी माता

तुलसी माता की आरती जय जय तुलसी माता सब जग की सुख दाता, वर दाता जय जय तुलसी माता ।। सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर रुज से रक्षा करके भव त्राता जय जय तुलसी माता।। बटु पुत्री हे श्यामा, सुर बल्ली हे ग्राम्या विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता जय जय तुलसी माता ।। हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वन्दित पतित जनो की तारिणी विख्याता जय जय तुलसी माता ।। लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में मानवलोक तुम्ही से सुख संपति पाता जय जय तुलसी माता ।। हरि को तुम अति प्यारी, श्यामवरण तुम्हारी प्रेम अजब हैं उनका तुमसे कैसा नाता जय जय तुलसी माता ।। Tulsi Mata Aarti Jai

Read More »

Mangalvar Vrat Aarti | मंगलवार व्रत की आरती | Hanuman Aarti

मंगलवार व्रत की आरती मंगल मूरति जय जय हनुमन्ता, मंगल मंगल देव अनन्ता हाथ वज्र और ध्वजा विराजे, कांधे मूंज जनेउ साजे शंकर सुवन केसरी नन्दन, तेज प्रताप महा जग वन्दन॥ लाल लंगोट लाल दोउ नयना, पर्वत सम फारत है सेना काल अकाल जुद्ध किलकारी, देश उजारत क्रुद्ध अपारी॥ राम दूत अतुलित बलधामा, अंजनि पुत्र पवन सुत नामा महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी॥ भूमि पुत्र कंचन बरसावे, राजपाट पुर देश दिवाव शत्रुन काट-काट महिं डारे, बन्धन व्याधि विपत्ति निवारें॥ आपन तेज सम्हारो आपे, तीनो लोक हांक ते कांपै सब सुख लहैं तुम्हारी शरणा, तुम रक्षक काहू को डरना॥ तुम्हरे भजन सकल संसारा, दया करो सुख दृष्टि अपारा रामदण्ड कालहु को दण्डा, तुमरे परस होत सब खण्डा॥ पवन

Read More »

Shakumbhari Devi Aarti | शाकुम्भरी माता की आरती | Shakambhari Mata

शाकुम्भरी माता की आरती हरी ॐ श्री शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो ऐसी अदभुत रूप ह्रदय धर लीजो शताक्षी दयालु की आरती कीजो तुम परिपूर्ण आदि भवानी माँ, सब घट तुम आप बखानी माँ शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो तुम्ही हो शाकुम्भर, तुम ही हो सताक्षी माँ शिवमूर्ति माया प्रकाशी माँ, शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो नित जो नर– नारी अम्बे आरती गावे माँ इच्छा पूर्ण कीजो, शाकुम्भर दर्शन पावे माँ शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो जो नर आरती पढ़े पढावे माँ, जो नर आरती सुनावे माँ बस बैकुंठ शाकुम्भर दर्शन पावे शाकुम्भरी अंबा जी की आरती कीजो Shakumbhari Devi Aarti Hari Om Shri Shakumbhari Amba Ji Ki Aarti Kijo Aisi Adbhut Rup Hriday Dhar Lijo,

Read More »

Deva Ho Deva Ganpati Deva | देवा हो देवा गणपति देवा: | Ganpati Vandna

देवा हो देवा गणपति देवा: गणपति बाप्पा मोरया, मंगल मूर्ती मोरया मोरया रे, बाप्पा मोरया रे देवा हो देवा, गणपति देवा, तुमसे बढ़कर कौन स्वामी तुमसे बढ़कर कौन और तुम्हारे भक्तजनों में, हमसे बढ़कर कौन हमसे बढ़कर कौन देवा हो देवा, गणपति देवा, तुमसे बढ़कर कौन स्वामी तुमसे बढ़कर कौन अद्भुत रूप ये काया भारी, महिमा बड़ी है दर्शन की प्रभु महिमा बड़ी है दर्शन की बिन मांगे पूरी हो जाए, जो भी इच्छा हो मन की प्रभु जो भी इच्छा हो मन की गणपति बाप्पा मोरया, मंगल मूर्ती मोरया देवा हो देवा, गणपति देवा, तुमसे बढ़कर कौन स्वामी तुमसे बढ़कर कौन और तुम्हारे भक्तजनों में, हमसे बढ़कर कौन हमसे बढ़कर कौन छोटी सी आशा लाया हूँ छोटे से मन

Read More »

Chamunda Devi Aarti | माँ चामुण्डा देवी जी की आरती | Chamunda Mata Ki Aarti

माँ चामुण्डा देवी जी की आरती जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति । तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री ॥टेक॥ मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को । उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको ॥जय॥ कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजै। रक्तपुष्प गल माला कंठन पर साजै ॥जय॥ केहरि वाहन राजत खड्ग खप्परधारी । सुर-नर मुनिजन सेवत तिनके दुःखहारी ॥जय॥ कानन कुण्डल शोभित नासाग्रे मोती । कोटिक चंद्र दिवाकर राजत समज्योति ॥जय॥ शुम्भ निशुम्भ बिडारे महिषासुर घाती । धूम्र विलोचन नैना निशिदिन मदमाती ॥जय॥ चौंसठ योगिनि मंगल गावैं नृत्य करत भैरू। बाजत ताल मृदंगा अरू बाजत डमरू ॥जय॥ भुजा चार अति शोभित खड्ग खप्परधारी। मनवांछित फल पावत सेवत नर नारी ॥जय॥ कंचन थाल विराजत अगर कपूर बाती । श्री मालकेतु

Read More »
Energized Brahma Pyramid Single Grid with sriparni Wooden Plate
Energized Brahma Pyramid Single Grid with sriparni Wooden Plate
₹1999₹999
Shop Now
Kuber Yantra 2D Plate
Kuber Yantra 2D Plate
₹1499₹627
Shop Now
Siddh Sampurna Baglamukhi Yantram(4 inch)
Siddh Sampurna Baglamukhi Yantram(4 inch)
₹1999₹999
Shop Now
Panchdhatu Meru Shree Yantra
Panchdhatu Meru Shree Yantra
₹1999₹999
Shop Now
Panchdhatu Shree Batuk Bhairav Yantra
Panchdhatu Shree Batuk Bhairav Yantra
₹1499₹999
Shop Now
Kanakdhara Yantra Pyramid 3D (6 Inch Approx)
Kanakdhara Yantra Pyramid 3D (6 Inch Approx)
₹2499₹1266
Shop Now
Categories
Archives

Deva Ho Deva Ganpati Deva | देवा हो देवा गणपति देवा: | Ganpati Vandna

देवा हो देवा गणपति देवा: गणपति बाप्पा मोरया, मंगल मूर्ती मोरया मोरया रे, बाप्पा मोरया रे देवा हो देवा, गणपति देवा, तुमसे बढ़कर कौन स्वामी

Read More »

Chamunda Devi Aarti | माँ चामुण्डा देवी जी की आरती | Chamunda Mata Ki Aarti

माँ चामुण्डा देवी जी की आरती जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति । तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री ॥टेक॥ मांग सिंदूर बिराजत

Read More »

Related Products

My Cart
Wishlist
Recently Viewed
Categories