.

Remedywala

Categories
Archives
Silver Metal Spiral Pendulum
Silver Metal Spiral Pendulum
₹999₹195
Shop Now
Selenite Wati Bracelet 4 mm – Remedywala
Selenite Wati Bracelet 4 mm – Remedywala
₹999₹627
Shop Now
Rose Quartz Wati Bracelet-  Remedywala
Rose Quartz Wati Bracelet- Remedywala
₹999₹384
Shop Now
Tiger Eye 7 Chakra Multicolor Bracelet
Tiger Eye 7 Chakra Multicolor Bracelet
₹999₹399
Shop Now
Red Garnet Big Size Tumble Stone-Gomed
Red Garnet Big Size Tumble Stone-Gomed
Shop Now
Clear Quartz Raw Stone Ring
Clear Quartz Raw Stone Ring
₹999₹399
Shop Now

Maa Brahmacharini Aarti | मां ब्रह्माचारिणी की आरती | Brahmacharini mantra

मां ब्रह्माचारिणी की आरती जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता । जय चतुरानन प्रिय सुख दाता ॥ ब्रह्मा जी के मन भाती हो । ज्ञान सभी को सिखलाती हो ॥ ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा । जिसको जपे सकल संसारा ॥ जय गायत्री वेद की माता । जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता ॥ कमी कोई रहने न पाए । कोई भी दुख सहने न पाए ॥ उसकी विरति रहे ठिकाने । जो ​तेरी महिमा को जाने ॥ रुद्राक्ष की माला ले कर । जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर ॥ आलस छोड़ करे गुणगाना । मां तुम उसको सुख पहुंचाना ॥ ब्रह्माचारिणी तेरो नाम । पूर्ण करो सब मेरे काम ॥ भक्त तेरे चरणों का पुजारी । रखना लाज मेरी महतारी

Read More »

Chandraghanta Mata ki Aarti | मां चंद्रघंटा की आरती | Durga Aarti

मां चंद्रघंटा की आरती जय मां चंद्रघंटा सुख धाम । पूर्ण कीजो मेरे सभी काम ॥ चंद्र समान तुम शीतल दाती । चंद्र तेज किरणों में समाती ॥ क्रोध को शांत करने वाली । मीठे बोल सिखाने वाली ॥ मन की मालक मन भाती हो । चंद्र घंटा तुम वरदाती हो ॥ सुंदर भाव को लाने वाली । हर संकट मे बचाने वाली ॥ हर बुधवार जो तुझे ध्याये । श्रद्धा सहित जो विनय सुनाएं ॥ मूर्ति चंद्र आकार बनाएं । सन्मुख घी की ज्योति जलाएं ॥ शीश झुका कहे मन की बाता । पूर्ण आस करो जगदाता ॥ कांचीपुर स्थान तुम्हारा । करनाटिका में मान तुम्हारा ॥ नाम तेरा रटूं महारानी । भक्त की रक्षा करो भवानी ॥ ॥

Read More »

Kushmanda mata ki Aarti | मां कूष्मांडा की आरती | durga Aarti

मां कूष्मांडा की आरती कूष्मांडा जय जग सुखदानी । मुझ पर दया करो महारानी ॥ पिगंला ज्वालामुखी निराली । शाकंबरी मां भोली भाली ॥ लाखों नाम निराले तेरे । भक्त कई मतवाले तेरे ॥ भीमा पर्वत पर है डेरा । स्वीकारो प्रणाम ये मेरा ॥ सबकी सुनती हो जगदम्बे । सुख पहुंचती हो मां अम्बे ॥ तेरे दर्शन का मैं प्यासा । पूर्ण कर दो मेरी आशा ॥ मां के मन में ममता भारी । क्यों ना सुनेगी अरज हमारी ॥ तेरे दर पर किया है डेरा । दूर करो मां संकट मेरा ॥ मेरे कारज पूरे कर दो । मेरे तुम भंडारे भर दो ॥ तेरा दास तुझे ही ध्याए । भक्त तेरे दर शीश झुकाए ॥ Kushmanda mata

Read More »

Skandmata Devi ki Aarti | मां स्कंदमाता की आरती | skandmata mantra

मां स्कंदमाता की आरती जय तेरी हो स्कंदमाता । पांचवां नाम तुम्हारा आता ॥ सब के मन की जानन हारी । जग जननी सब की महतारी ॥ तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं । हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं ॥ कई नामों से तुझे पुकारा । मुझे एक है तेरा सहारा ॥ कहीं पहाड़ों पर हैं डेरा । कई शहरो में तेरा बसेरा ॥ हर मंदिर में तेरे नजारे । गुण गाए तेरे भक्त प्यारे ॥ भक्ति अपनी मुझे दिला दो । शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो ॥ इंद्र आदि देवता मिल सारे । करे पुकार तुम्हारे द्वारे ॥ दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए । तुम ही खंडा हाथ उठाएं ॥ दास को सदा बचाने आईं । ‘चमन’ की आस

Read More »

Guru Nanak ji ki Aarti | गुरुनानक जी की आरती | Gagan Mein Thaal Aarti

गुरुनानक जी की आरती गगन में थालु रवि चंदु दीपक। बने तारिका मण्डल जनक मोती।। धूपमल आनलो पवणु चवरो करे। सगल बनराई फूलंत जोति ।। कैसी आरती होई भवखंडना तेरी आरती। अनहता सबद बाजंत भेरी रहाउ।। सहस तव नैन नन नैन है ‍तोहि कउ। सहस मू‍रती मना एक तोही।। सहस पद विमल रंग एक पद गंध बिनु। सहस तव गंध इव चलत मोहि ।। सभमहि जोति-जो‍ति है सोई, तिसकै चानणि सभ महि चानणु होई। गुरसाखी जोति परगुट होई। जो तिसु भावै सु आरती होई ।। हर‍ि चरण कमल मकरंद लोभित मनो, अ‍नदिनी मोहि आहि पिआसा। कृपा जलु देहि नानक सारिंग, कउ होई जाते तेरे नामि वासा।। Guru Nanak Ji Ki Aarti Gagan Mae Thal Ravachanda Deepak Banay Tarka Mandala Janak

Read More »

Kali Mata Aarti | श्री काली मां की आरती | Kali Mata Ki Aarti

श्री काली मां की आरती मंगल की सेवा, सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े । पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले ज्वाला तेरी भेंट धरे। सुन जगदम्बे कर न विलम्बे, सन्तन के भण्डार भरे। संतन प्रतिपाली सदाखुशहाली, जै काली कल्याण करे॥ बुद्धि विधाता तू जगमाता, मेरा कारज सिद्ध करे। चरण कमल का लिया आसरा, शरण तुम्हारी आन परे। जब-जब भीर पड़े भक्तन पर, तब-तब आय सहाय करे। संतन प्रतिपाली सदाखुशहाली, जै काली कल्याण करे॥ बार-बार तैं सब जग मोह्‌यो, तरुणी रूप अनूप धरे। माता होकर पुत्र खिलावै, कहीं भार्य बन भोग करे। संतन सुखदाई सदा सहाई, सन्त खड़े जयकार करे। संतन प्रतिपाली सदाखुशहाली, जै काली कल्याण करे॥ ब्रह्‌मा, विष्णु, महेश फल लिए, भेंट देन तब द्वार खड़े। अटल सिंहासन

Read More »

Shri Venkatesh Aarti | श्री व्यंकटेश आरती | Lord Venkatesh

श्री व्यंकटेश आरती शेषाचल अवतार तारक तूं देवा l सुरवर मुनिवर भावें करिती जन सेवा ll कमलारमणा अससी अगणित गुण ठेवा l कमलाक्षा मज रक्षुनि सत्वर वर द्यावा ll १ ll जय देव जय देव जय व्यंकटेशा l केवळ करूणासिंधु पुरविसी आशा ll धृ. ll हे निजवैकुंठ म्हणुनी ध्यातों मी तू तें l दाखविसी गुण कैसे सकळिक लोकाते ll देखुनि तुझे स्वरूप सुख अद्‌भुत होते l ध्यातां तुजला श्रीपति दृढ मानस होते ll Shri Venkatesh Aarti Sheshachal avtar tarak tu deva | Survar munivar bhave kariti jan seva || Kamlaramna assi aganit gun theva | Kamlaksha maj rakshuni stavar var dhyava || 1 || Jay dev jay dev jay venkatesha | Keval karunasindhu purvisi asha || Dhru.|| Hey nijvaikunth mahuni

Read More »

Aarti Kunj Bihari Ki | श्री कुंजबिहारी जी की आरती | krishna ji ki aarti

श्री कुंजबिहारी जी की आरती आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की। गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला। श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला। गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली। रतन में ठाढ़े बनमाली; भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक, चंद्र सी झलक; ललित छवि श्यामा प्यारी की॥ श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥ आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥ आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की। जहां ते प्रकट भई गंगा, कलुष कलि हारिणि श्रीगंगा। स्मरण ते होत मोह भंगा; बसी शिव शीश, जटा के बीच, हरै अघ कीच; चरन छवि श्रीबनवारी की॥ श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥ आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥ आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण

Read More »

Lord Shiva Aarti | शिव जी की आरती | om jai shiv omkara lyrics

शिव जी की आरती जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव…॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे। हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव…॥ दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे। त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव…॥ अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी। चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव…॥ श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे। सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव…॥ कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता। जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव…॥ ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका। प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव…॥ काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी। नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव…॥

Read More »

Shri Krishna Aarti | श्री कृष्ण की आरती | Krishna Aarti Translation

श्री कृष्ण की आरती ॐ जय श्री कृष्ण हरे प्रभु जय श्री कृष्ण हरे भक्तन के दुःख सारे पल में दूर करे || ॐ जय || परमानन्द मुरारी मोहन गिरधारी जय रस रास बिहारी जय जय गिरधारी || ॐ जय || कर कंकन कोटि सोहत कानन में बाला मोर मुकुट पीताम्बर सोहे बनमाला || ॐ जय || दीन सुधामा तारे दरिद्रों के दुःख टारे गज के फंद छुड़ाऐ भव सागर तारे || ॐ जय || हिरन्यकश्यप संहारे नरहरि रूप धरे पाहन से प्रभु प्रगटे जम के बीच परे || ॐ जय || केशी कंस विदारे नल कूबर तारे दामोदर छवि सुन्दर भगतन के प्यारे || ॐ जय || काली नाग नथैया नटवर छवि सोहे फन-फन नाचा करते नागन मन मोहे

Read More »
Sphatik Shivling Crystal Clear Quartz Shiv Lingam
Sphatik Shivling Crystal Clear Quartz Shiv Lingam
₹3999₹2475
Shop Now
Panchdhatu Gayatri Yantra
Panchdhatu Gayatri Yantra
₹1999₹999
Shop Now
Sri Vishnu Sudarshana Chakra Shankh
Sri Vishnu Sudarshana Chakra Shankh
₹999₹299
Shop Now
Vastu Yantra Brass Patti
Vastu Yantra Brass Patti
₹999₹366
Shop Now
Siddh Shri Shani Yantram(4 inch)
Siddh Shri Shani Yantram(4 inch)
₹1999₹999
Shop Now
Panchdhatu Shree Mahavidhya Mahakaali Yantra
Panchdhatu Shree Mahavidhya Mahakaali Yantra
₹1999₹999
Shop Now
Categories
Archives

Aarti Kunj Bihari Ki | श्री कुंजबिहारी जी की आरती | krishna ji ki aarti

श्री कुंजबिहारी जी की आरती आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की। गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला। श्रवण में कुण्डल झलकाला,

Read More »

Related Products

My Cart
Wishlist
Recently Viewed
Categories