Remedywala

Categories
Archives
Siddh Sampurna Vastu Yantram
Siddh Sampurna Vastu Yantram
₹2099₹1099
Shop Now
Cherry Quartz Double Terminated Pendant
Cherry Quartz Double Terminated Pendant
₹1096₹367
Shop Now
Kiwi Jasper Bracelet 8mm
Kiwi Jasper Bracelet 8mm
₹1099₹385
Shop Now
Snowflake Obsidian Bracelet 8mm
Snowflake Obsidian Bracelet 8mm
₹1099₹502
Shop Now
Multicolor Tiger Eye Wati Bracelet 4 mm – Remedywala
Multicolor Tiger Eye Wati Bracelet 4 mm – Remedywala
₹1099₹896
Shop Now
Natural Himalayan Pink Salt Lamp with Wooden Base
Natural Himalayan Pink Salt Lamp with Wooden Base
₹3599₹2554
Shop Now

Shri Kuber Bhagwan Aarti | श्री कुबेर जी की आरती

श्री कुबेर जी की आरती ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष कुबेर हरे । शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े । दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… स्वर्ण सिंहासन बैठे, सिर पर छत्र फिरे । योगिनी मंगल गावैं, सब जय जय कार करैं ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… गदा त्रिशूल हाथ में, शस्त्र बहुत धरे । दुख भय संकट मोचन, धनुष टंकार करें ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… भांति भांति के, व्यंजन बहुत बने । मोहन भोग लगावैं, साथ में उड़द चने ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… बल बुद्धि विद्या दाता, हम तेरी शरण पड़े

Read More »

Tulsi Mata Aarti | तुलसी माता की आरती | आरती: जय तुलसी माता

तुलसी माता की आरती जय जय तुलसी माता सब जग की सुख दाता, वर दाता जय जय तुलसी माता ।। सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर रुज से रक्षा करके भव त्राता जय जय तुलसी माता।। बटु पुत्री हे श्यामा, सुर बल्ली हे ग्राम्या विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता जय जय तुलसी माता ।। हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वन्दित पतित जनो की तारिणी विख्याता जय जय तुलसी माता ।। लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में मानवलोक तुम्ही से सुख संपति पाता जय जय तुलसी माता ।। हरि को तुम अति प्यारी, श्यामवरण तुम्हारी प्रेम अजब हैं उनका तुमसे कैसा नाता जय जय तुलसी माता ।। Tulsi Mata Aarti Jai

Read More »

Mangalvar Vrat Aarti | मंगलवार व्रत की आरती | Hanuman Aarti

मंगलवार व्रत की आरती मंगल मूरति जय जय हनुमन्ता, मंगल मंगल देव अनन्ता हाथ वज्र और ध्वजा विराजे, कांधे मूंज जनेउ साजे शंकर सुवन केसरी नन्दन, तेज प्रताप महा जग वन्दन॥ लाल लंगोट लाल दोउ नयना, पर्वत सम फारत है सेना काल अकाल जुद्ध किलकारी, देश उजारत क्रुद्ध अपारी॥ राम दूत अतुलित बलधामा, अंजनि पुत्र पवन सुत नामा महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी॥ भूमि पुत्र कंचन बरसावे, राजपाट पुर देश दिवाव शत्रुन काट-काट महिं डारे, बन्धन व्याधि विपत्ति निवारें॥ आपन तेज सम्हारो आपे, तीनो लोक हांक ते कांपै सब सुख लहैं तुम्हारी शरणा, तुम रक्षक काहू को डरना॥ तुम्हरे भजन सकल संसारा, दया करो सुख दृष्टि अपारा रामदण्ड कालहु को दण्डा, तुमरे परस होत सब खण्डा॥ पवन

Read More »

Shakumbhari Devi Aarti | शाकुम्भरी माता की आरती | Shakambhari Mata

शाकुम्भरी माता की आरती हरी ॐ श्री शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो ऐसी अदभुत रूप ह्रदय धर लीजो शताक्षी दयालु की आरती कीजो तुम परिपूर्ण आदि भवानी माँ, सब घट तुम आप बखानी माँ शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो तुम्ही हो शाकुम्भर, तुम ही हो सताक्षी माँ शिवमूर्ति माया प्रकाशी माँ, शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो नित जो नर– नारी अम्बे आरती गावे माँ इच्छा पूर्ण कीजो, शाकुम्भर दर्शन पावे माँ शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो जो नर आरती पढ़े पढावे माँ, जो नर आरती सुनावे माँ बस बैकुंठ शाकुम्भर दर्शन पावे शाकुम्भरी अंबा जी की आरती कीजो Shakumbhari Devi Aarti Hari Om Shri Shakumbhari Amba Ji Ki Aarti Kijo Aisi Adbhut Rup Hriday Dhar Lijo,

Read More »

Guru Nanak ji ki Aarti | गुरुनानक जी की आरती | Gagan Mein Thaal Aarti

गुरुनानक जी की आरती गगन में थालु रवि चंदु दीपक। बने तारिका मण्डल जनक मोती।। धूपमल आनलो पवणु चवरो करे। सगल बनराई फूलंत जोति ।। कैसी आरती होई भवखंडना तेरी आरती। अनहता सबद बाजंत भेरी रहाउ।। सहस तव नैन नन नैन है ‍तोहि कउ। सहस मू‍रती मना एक तोही।। सहस पद विमल रंग एक पद गंध बिनु। सहस तव गंध इव चलत मोहि ।। सभमहि जोति-जो‍ति है सोई, तिसकै चानणि सभ महि चानणु होई। गुरसाखी जोति परगुट होई। जो तिसु भावै सु आरती होई ।। हर‍ि चरण कमल मकरंद लोभित मनो, अ‍नदिनी मोहि आहि पिआसा। कृपा जलु देहि नानक सारिंग, कउ होई जाते तेरे नामि वासा।। Guru Nanak Ji Ki Aarti Gagan Mae Thal Ravachanda Deepak Banay Tarka Mandala Janak

Read More »

Kali Mata Aarti | श्री काली मां की आरती | Kali Mata Ki Aarti

श्री काली मां की आरती मंगल की सेवा, सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े । पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले ज्वाला तेरी भेंट धरे। सुन जगदम्बे कर न विलम्बे, सन्तन के भण्डार भरे। संतन प्रतिपाली सदाखुशहाली, जै काली कल्याण करे॥ बुद्धि विधाता तू जगमाता, मेरा कारज सिद्ध करे। चरण कमल का लिया आसरा, शरण तुम्हारी आन परे। जब-जब भीर पड़े भक्तन पर, तब-तब आय सहाय करे। संतन प्रतिपाली सदाखुशहाली, जै काली कल्याण करे॥ बार-बार तैं सब जग मोह्‌यो, तरुणी रूप अनूप धरे। माता होकर पुत्र खिलावै, कहीं भार्य बन भोग करे। संतन सुखदाई सदा सहाई, सन्त खड़े जयकार करे। संतन प्रतिपाली सदाखुशहाली, जै काली कल्याण करे॥ ब्रह्‌मा, विष्णु, महेश फल लिए, भेंट देन तब द्वार खड़े। अटल सिंहासन

Read More »

Lord Shiva Aarti | शिव जी की आरती | om jai shiv omkara lyrics

शिव जी की आरती जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव…॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे। हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव…॥ दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे। त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव…॥ अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी। चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव…॥ श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे। सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव…॥ कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता। जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव…॥ ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका। प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव…॥ काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी। नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव…॥

Read More »

Shri Krishna Aarti | श्री कृष्ण की आरती | Krishna Aarti Translation

श्री कृष्ण की आरती ॐ जय श्री कृष्ण हरे प्रभु जय श्री कृष्ण हरे भक्तन के दुःख सारे पल में दूर करे || ॐ जय || परमानन्द मुरारी मोहन गिरधारी जय रस रास बिहारी जय जय गिरधारी || ॐ जय || कर कंकन कोटि सोहत कानन में बाला मोर मुकुट पीताम्बर सोहे बनमाला || ॐ जय || दीन सुधामा तारे दरिद्रों के दुःख टारे गज के फंद छुड़ाऐ भव सागर तारे || ॐ जय || हिरन्यकश्यप संहारे नरहरि रूप धरे पाहन से प्रभु प्रगटे जम के बीच परे || ॐ जय || केशी कंस विदारे नल कूबर तारे दामोदर छवि सुन्दर भगतन के प्यारे || ॐ जय || काली नाग नथैया नटवर छवि सोहे फन-फन नाचा करते नागन मन मोहे

Read More »

Kali Mata Aarti | काली माता आरती | Kali Mata Ki Aarti

काली माता आरती जय काली माता, मा जय महा काली माँ | रतबीजा वध कारिणी माता | सुरनर मुनि ध्याता, माँ जय महा काली माँ || दक्ष यज्ञ विदवंस करनी माँ शुभ निशूंभ हरलि | मधु और कैितभा नासिनी माता | महेशासुर मारदिनी…ओ माता जय महा काली माँ || हे हीमा गिरिकी नंदिनी प्रकृति रचा इत्ठि | काल विनासिनी काली माता | सुरंजना सूख दात्री हे माता || अननधम वस्तराँ दायनी माता आदि शक्ति अंबे | कनकाना कना निवासिनी माता | भगवती जगदंबे … ओ माता जय महा काली माँ || दक्षिणा काली आध्या काली …काली नामा रूपा | तीनो लोक विचारिती माता धर्मा मोक्ष रूपा || | जय महा काली माँ | Kali Mata Aarti Jai Kali Mata ,

Read More »

Shri Satyanarayan Aarti | श्री सत्यनारायण जी आरती | Satyanarayan Bhagwan Ki Aarti

श्री सत्यनारायण जी आरती जय लक्ष्मी रमना जय जय श्री लक्ष्मी रमना सत्यानारयाना स्वामी जन पटक हरना रत्ना जडित सिंघासन अद्भुत छबि राजे नारद करत निरंजन घंटा ध्वनि बाजे प्रकट भये कलि कारन द्विज को दरस दियो बुधो ब्रह्मिन बनकर कंचन महल कियो दुर्बल भील कराल जिनपर किरपा करी चंद्रचूड एक राजा तिनकी विपति हरी भाव भक्ति के कारन छिन छिन रूप धरयो श्रद्धा धारण किन्ही तिनके काज सरयो ग्वाल बाल संग राजा बन में भक्ति करी मन वांछित फल दीन्हा दीनदयाल हरी चढात प्रसाद सवायो कदली फल मेवा धुप दीप तुलसी से राजी सतदेवा श्री सत्यानारयाना जी की आरती जो कोई नर गावे कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे Shri Satyanarayan Aarti Jai Laxmi ramna jai jai shree laxmi

Read More »
Shree Mahamritunjaya Yantra in Brass
Shree Mahamritunjaya Yantra in Brass
₹1099₹619
Shop Now
Meru Shriparni Shriyantra Vastu Pyramid
Meru Shriparni Shriyantra Vastu Pyramid
₹2099₹1213
Shop Now
Clear Quartz Ganesha High Quality
Clear Quartz Ganesha High Quality
₹2099₹1570
Shop Now
Shree Raahu Yantra, Raahu Yantram (4.5 x 4cm approx)
Shree Raahu Yantra, Raahu Yantram (4.5 x 4cm approx)
₹1099₹399
Shop Now
Kuber Yantra 2D Plate
Kuber Yantra 2D Plate
₹1599₹727
Shop Now
Shriparni Sriyantra With Kamal Aasan
Shriparni Sriyantra With Kamal Aasan
₹3099₹2005
Shop Now
Categories
Archives

Shri Satyanarayan Aarti | श्री सत्यनारायण जी आरती | Satyanarayan Bhagwan Ki Aarti

श्री सत्यनारायण जी आरती जय लक्ष्मी रमना जय जय श्री लक्ष्मी रमना सत्यानारयाना स्वामी जन पटक हरना रत्ना जडित सिंघासन अद्भुत छबि राजे नारद करत

Read More »

Related Products

My Cart
Wishlist
Recently Viewed
Categories