Shri Hanuman Tandav Stotram
Shri Hanuman Tandav Stotram : हनुमानजी को समर्पित हनुमान तांडव स्तोत्र को लेकर कहा जाता है कि प्रत्येक मंगलवार नियमित रूप से इसका पाठ करने वालों
Shri Hanuman Tandav Stotram : हनुमानजी को समर्पित हनुमान तांडव स्तोत्र को लेकर कहा जाता है कि प्रत्येक मंगलवार नियमित रूप से इसका पाठ करने वालों
Hanuman Anjaneya Dandakam – शक्ति, भक्ति और पराक्रम का महाग्रंथ श्री अञ्जनेय दण्डकम् हनुमान जी की अपार शक्ति, अतुल साहस और भक्तिभाव का अद्भुत काव्य
हनुमान सहस्रनाम स्तोत्र एक अत्यंत पवित्र स्तोत्र है, जिसका ऋषि श्रीरामचन्द्र और देवता हनुमान जी हैं। इसमें प्रयुक्त बीज मंत्र जैसे ह्रीं, श्रीं, ह्रौं आदि
श्री अंजनेय मंगलम हनुमान जी को समर्पित एक प्रसिद्ध स्तोत्र है। इसे पढ़ने से संकट दूर होते हैं, मन की शांति मिलती है और सभी
श्रीआञ्जनेयमङ्गलाष्टकं कपिश्रेष्ठाय शूराय सुग्रीवप्रियमन्त्रिणे ।जानकीशोकनाशाय आञ्जनेयाय मङ्गलम् ॥ १॥ मनोवेगाय उग्राय कालनेमिविदारिणे ।लक्ष्मणप्राणदात्रे च आञ्जनेयाय मङ्गलम् ॥ २॥ महाबलाय शान्ताय दुर्दण्डीबन्धमोचन ।मैरावणविनाशाय आञ्जनेयाय मङ्गलम् ॥
श्री अंजनेय स्तोत्रम श्रीनुदेवीं प्रवक्ष्यामि स्तोत्रं सर्वभयापहम् ।सर्वकामप्रदं नित्यं हनुमत्स्तोत्रमुत्तमम् ॥ १ ॥ तप्तकांचनसंकाशं नानारत्नविभूषितम् |उदयद्बालार्कवदानं त्रिनेत्रं कुंडलोज्ज्वलम् || 2 || मौन्जिकौपिनसंयुक्तं हेमयाज्ञोपवीतिनम् |पिंगलक्षं महाकायं
श्री हनुमान अञ्जली स्तोत्र प्रणव हूं पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन।जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर।। अञ्जना-नन्दनं वीरं जानकी-शोक-नाशनम्कपीशमक्ष-हन्तारं वन्दे लङ्का-भयङ्करम्।। उल्लङ्घ्य
“भक्ति मंजरी” का अर्थ है—भक्ति के पुष्पों का गुच्छा, भावनाओं, प्रार्थनाओं और समर्पण के छोटे-छोटे फूलों का संग्रह। “Sri Hanuman Bhakti Manjari” उन भक्तों के
॥ हनुमान द्वादशनाम स्तोत्रम् ॥ हनुमानञ्जनासूनुर्वायुपुत्रो महाबलः।रामेष्टः फल्गुनसखः पिङ्गाक्षोऽमितविक्रमः॥उदधिक्रमणश्चैव सीताशोकविनाशकः।लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा॥द्वादशैतानि नामानि कपीन्द्रस्य महात्मनः।स्वापकालே पठेन्नित्यं यात्राकाले विशेषतः॥तस्य मृत्युभयं नास्ति सर्वत्र विजयि भवेत्॥ English
॥ श्री अञ्जनेय करावलम्ब स्तोत्रम् – अर्थ (हिंदी + English) ॥ श्रीमत्पावनमूर्तये पवनजाययोगीश्वरप्रियकारण प्रभवाय ।सन्देहमेत्य रणजीत नटविरायश्री अञ्जनेय ममदेह करावलम्बम् ॥१॥ Hindi Meaning (हिंदी अर्थ):
Shri Hanuman Tandav Stotram : हनुमानजी को समर्पित हनुमान तांडव स्तोत्र को लेकर कहा जाता है कि प्रत्येक मंगलवार नियमित रूप से इसका पाठ करने वालों
Hanuman Anjaneya Dandakam – शक्ति, भक्ति और पराक्रम का महाग्रंथ श्री अञ्जनेय दण्डकम् हनुमान जी की अपार शक्ति, अतुल साहस और भक्तिभाव का अद्भुत काव्य
हनुमान सहस्रनाम स्तोत्र एक अत्यंत पवित्र स्तोत्र है, जिसका ऋषि श्रीरामचन्द्र और देवता हनुमान जी हैं। इसमें प्रयुक्त बीज मंत्र जैसे ह्रीं, श्रीं, ह्रौं आदि
श्री अंजनेय मंगलम हनुमान जी को समर्पित एक प्रसिद्ध स्तोत्र है। इसे पढ़ने से संकट दूर होते हैं, मन की शांति मिलती है और सभी
श्रीआञ्जनेयमङ्गलाष्टकं कपिश्रेष्ठाय शूराय सुग्रीवप्रियमन्त्रिणे ।जानकीशोकनाशाय आञ्जनेयाय मङ्गलम् ॥ १॥ मनोवेगाय उग्राय कालनेमिविदारिणे ।लक्ष्मणप्राणदात्रे च आञ्जनेयाय मङ्गलम् ॥ २॥ महाबलाय शान्ताय दुर्दण्डीबन्धमोचन ।मैरावणविनाशाय आञ्जनेयाय मङ्गलम् ॥
श्री अंजनेय स्तोत्रम श्रीनुदेवीं प्रवक्ष्यामि स्तोत्रं सर्वभयापहम् ।सर्वकामप्रदं नित्यं हनुमत्स्तोत्रमुत्तमम् ॥ १ ॥ तप्तकांचनसंकाशं नानारत्नविभूषितम् |उदयद्बालार्कवदानं त्रिनेत्रं कुंडलोज्ज्वलम् || 2 || मौन्जिकौपिनसंयुक्तं हेमयाज्ञोपवीतिनम् |पिंगलक्षं महाकायं
श्री हनुमान अञ्जली स्तोत्र प्रणव हूं पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन।जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर।। अञ्जना-नन्दनं वीरं जानकी-शोक-नाशनम्कपीशमक्ष-हन्तारं वन्दे लङ्का-भयङ्करम्।। उल्लङ्घ्य
“भक्ति मंजरी” का अर्थ है—भक्ति के पुष्पों का गुच्छा, भावनाओं, प्रार्थनाओं और समर्पण के छोटे-छोटे फूलों का संग्रह। “Sri Hanuman Bhakti Manjari” उन भक्तों के
॥ हनुमान द्वादशनाम स्तोत्रम् ॥ हनुमानञ्जनासूनुर्वायुपुत्रो महाबलः।रामेष्टः फल्गुनसखः पिङ्गाक्षोऽमितविक्रमः॥उदधिक्रमणश्चैव सीताशोकविनाशकः।लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा॥द्वादशैतानि नामानि कपीन्द्रस्य महात्मनः।स्वापकालே पठेन्नित्यं यात्राकाले विशेषतः॥तस्य मृत्युभयं नास्ति सर्वत्र विजयि भवेत्॥ English
॥ श्री अञ्जनेय करावलम्ब स्तोत्रम् – अर्थ (हिंदी + English) ॥ श्रीमत्पावनमूर्तये पवनजाययोगीश्वरप्रियकारण प्रभवाय ।सन्देहमेत्य रणजीत नटविरायश्री अञ्जनेय ममदेह करावलम्बम् ॥१॥ Hindi Meaning (हिंदी अर्थ):
Not a member? Create an account
Already got an account? Sign in here