भगवान हनुमान, जिन्हें अंजनेय, मारुति और पवनपुत्र के नाम से भी जाना जाता है, शक्ति, भक्ति और निर्भयता के प्रतीक हैं। माना जाता है कि श्री अंजनेय स्तोत्र का श्रवण या पाठ मनुष्य के सभी भय, बाधाएँ और कष्टों को दूर करता है। यह स्तोत्र हनुमान जी के दिव्य स्वरूप, उनके तेज, उनकी शक्ति और उनकी असीम भक्ति का वर्णन करता है। भक्तजन जब इस स्तोत्र का श्रद्धा से जाप करते हैं, तो उन्हें मानसिक शांति, साहस, और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।