Remedywala

Categories
Archives
Amethyst Wati Bracelet 4 mm – Remedywala
Amethyst Wati Bracelet 4 mm – Remedywala
₹1099₹927
Shop Now
Orange Citrine Angel (3 Inch) – Remedywala
Orange Citrine Angel (3 Inch) – Remedywala
₹1099₹499
Shop Now
Rose Quartz Bracelet (Diamond Cut Tumble)
Rose Quartz Bracelet (Diamond Cut Tumble)
₹2099₹899
Shop Now
Tiger’s Eye, Hematite & Black Obsidian Combination Bracelet 8mm
Tiger’s Eye, Hematite & Black Obsidian Combination Bracelet 8mm
₹1099₹466
Shop Now
Rose Quartz Double Terminated Pendant
Rose Quartz Double Terminated Pendant
₹1099₹199
Shop Now
Green Aventurine Flat Stone Wire Wrapped Pendant
Green Aventurine Flat Stone Wire Wrapped Pendant
₹1099₹385
Shop Now

Mahalakshmi Aarti | महालक्ष्मी आरती

🌺 श्री महालक्ष्मी आरती 🌺 माँ लक्ष्मी की कृपा पाने की पावन आरती 🙏 श्री महालक्ष्मी आरती (हिंदी) 🙏 जय देवी जय देवी जय महालक्ष्मी।वससी व्यापकरूपे तू स्थूलसूक्ष्मी॥ करवीरपुरवासिनी सुरवरमुनिमाता।पुरहरवरदायिनी मुरहरप्रियकान्ता।कमलाकारें जठरी जन्मविला धाता।सहस्त्रवदनी भूधर न पुरे गुण गातां॥ जय देवी जय देवी… मातुलिंग गदा खेटक रवikिरणीं।झळके हाटकवाटी पीयुषरसपाणी।माणिकरसना सुरंगवसना मृगनयनी।शशिकरवदना राजस मदनाची जननी॥ जय देवी जय देवी… तारा शक्ति अगम्या शिवभजकां गौरी।सांख्य म्हणती प्रकृती निर्गुण निर्धारी।गायत्री निजबीजा निगमागम सारी।प्रगटे पद्मावती निजधर्माचारी॥ जय देवी जय देवी… अमृतभरिते सरिते अघदुरितें वारीं।मारी दुर्घट असुरां भवदुस्तर तारीं।वारी मायापटल प्रणमत परिवारी।हें रुप चिद्रूप दावी निर्धारी॥ जय देवी जय देवी… चतुराननें कुश्चित कर्मांच्या ओळी।लिहिल्या असतिल माते माझे निजभाळी।पुसोनि चरणातळी पदसुमने क्षाळी।मुक्तेश्वर नागर क्षीरसागरबाळी॥ जय देवी जय देवी…   🌸 Shri Mahalakshmi Aarti (English / Hinglish)

Read More »

Vaibhav Lakshmi Vrat Aarti | वैभव लक्ष्मी व्रत आरती

🌼 वैभव लक्ष्मी व्रत आरती 🌼 ॐ वैभव लक्ष्मी माता की पावन आरती 🙏 वैभव लक्ष्मी माता आरती (हिंदी) 🙏 ॐ वैभव लक्ष्मी माता, मैया वैभव लक्ष्मी माता,भक्तों के हितकारिनी, भक्तों के हितकारिनी,सुख वैभव दाता, ॐ वैभव लक्ष्मी माता। लक्ष्मी माँ का नाम जो लेता, सुख सम्पति पाता,मैया सुख सम्पति पाता, दुःख दरिद्र मिटता,दुःख दरिद्र मिटता, बांछित फल पाता। ॐ वैभव लक्ष्मी माता, मैया वैभव लक्ष्मी माता,भक्तों के हितकारिनी, भक्तों के हितकारिनी,सुख वैभव दाता, ॐ वैभव लक्ष्मी माता। लक्ष्मी माता तू जग माता, जग पालक रानी,मैया जग पालक रानी, हाथ जोड़ गुण गाते,हाथ जोड़ गुण गाते, जग के सब प्राणी। ॐ वैभव लक्ष्मी माता, मैया वैभव लक्ष्मी माता,भक्तों के हितकारिनी, भक्तों के हितकारिनी,सुख वैभव दाता, ॐ वैभव लक्ष्मी माता। हे

Read More »

Mahalakshmi Ashtakam | महालक्ष्मी अष्टकम

हिंदू धर्म में देवी महालक्ष्मी को धन, वैभव, सौभाग्य और ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। जिस घर में उनका वास होता है, वहाँ सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा हमेशा बनी रहती है। देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के अनेक उपाय बताए गए हैं, लेकिन उनमें से सबसे प्रभावकारी माना जाता है — महालक्ष्मी अष्टकम। नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते। शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥1॥ नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि। सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥2॥ सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयङ्करि। सर्वदुःखहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥3॥ सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि। मन्त्रमूर्ते सदा देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥4॥ आद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्तिमहेश्वरि। योगजे योगसम्भूते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥5॥ स्थूलसूक्ष्ममहारौद्रे महाशक्तिमहोदरे। महापापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥6॥ पद्मासनस्थिते देवि परब्रह्मस्वरूपिणि। परमेशि जगन्मातर्महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥7॥ श्वेताम्बरधरे देवि नानालङ्कारभूषिते। जगत्स्थिते जगन्मातर्महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥8॥ महालक्ष्म्यष्टकं स्तोत्रं यः पठेद्भक्तिमान्नरः। सर्वसिद्धिमवाप्नोति राज्यं प्राप्नोति सर्वदा॥9॥ एककाले पठेन्नित्यं

Read More »

Shri Hanuman Aarti

Shri Hanuman Aarti ||श्री हनुमान आरती|| आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की। जाके बल से गिरवर कांपे, रोग-दोष जाके निकट न झांके। अंजनि पुत्र महा बलदाई, संतन के प्रभु सदा सहाई। दे बीरा रघुनाथ पठाए, लंका जारि सिया सुधि लाए। लंका सो कोट समुद्र-सी खाई, जात पवनसुत बार न लाई। लंका जारि असुर संहारे, सियारामजी के काज संवारे। लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे, लाइ संजीवन प्राण उबारे। पैठि पाताल तोरि जमकारे, अहिरावण की भुजा उखारे। बाएं भुजा असुर दल मारे, दाहिने भुजा संत जन तारे। सुर-नर-मुनि आरती उतारें, जय जय जय हनुमान उचारें। कंचन थार कपूर लौ छाई, आरती करत अंजना माई। जो हनुमान जी की आरती गावे, बसहि बैकुंठ परम पद पावे। सं. हनुमान आरती का

Read More »

shri balaji ki aarti | श्री बालाजी आरती | shri salasar balaji ki aarti

श्री बालाजी आरती ॐ जय हनुमत वीरा स्वामी जय हनुमत वीरा संकट मोचन स्वामी तुम हो रनधीरा ||ॐ जय || पवन पुत्र अंजनी सूत महिमा अति भारी दुःख दरिद्र मिटाओ संकट सब हारी ||ॐ जय || बाल समय में तुमने रवि को भक्ष लियो देवन स्तुति किन्ही तुरतहिं छोड़ दियो ||ॐ जय || कपि सुग्रीव राम संग मैत्री करवाई अभिमानी बलि मेटयो कीर्ति रही छाई ||ॐ जय || जारि लंक सिय-सुधि ले आए, वानर हर्षाये कारज कठिन सुधारे, रघुबर मन भाये ||ॐ जय || शक्ति लगी लक्ष्मण को, भारी सोच भयो लाय संजीवन बूटी, दुःख सब दूर कियो ||ॐ जय || रामहि ले अहिरावण, जब पाताल गयो ताहि मारी प्रभु लाय, जय जयकार भयो ||ॐ जय || राजत मेहंदीपुर में,

Read More »

Shri Vishwakarma Aarti | श्री विश्वकर्मा जी की आरती | विश्वकर्मा पूजा आरती

श्री विश्वकर्मा जी की आरती जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा | सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा || आदि सृष्टि मे विधि को श्रुति उपदेश दिया | जीव मात्रा का जाग मे, ज्ञान विकास किया || ऋषि अंगीरा ताप से, शांति नहीं पाई | रोग ग्रस्त राजा ने जब आश्रया लीना | संकट मोचन बनकर डोर दुःखा कीना || जय श्री विश्वकर्मा जब रथकार दंपति, तुम्हारी टर करी | सुनकर दीं प्रार्थना, विपत हरी सागरी || एकानन चतुरानन, पंचानन राजे | त्रिभुज चतुर्भुज दशभुज, सकल रूप सजे || ध्यान धरे तब पद का, सकल सिद्धि आवे | मन द्विविधा मिट जावे, अटल शक्ति पावे || श्री विश्वकर्मा की आरती जो कोई गावे | भाजात गजानांद स्वामी, सुख

Read More »

Parvati Mata Ki Aarti | माता पार्वती जी की आरती | Shri Parvati Maa

माता पार्वती जी की आरती जय पार्वती माता जय पार्वती माता ब्रम्हा सनातन देवी शुभ फल कदा दाता || जय पार्वती || अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता || जय पार्वती || सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा देव वधु जहं गावत नृत्य करता था || जय पार्वती || सतयुग शील सुसुन्दर नाम सटी कहलाता हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता || जय पार्वती || शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाता || जय पार्वती || सृष्टी रूप तुही जननी शिव संग रंगराता नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता || जय पार्वती || देवन अरज करत हम चित को लाता गावत दे दे ताली मन में रंगराता || जय

Read More »

Ganga Mata ki Aarti | आरती श्री गंगा जी की | Ganga Aarti

आरती श्री गंगा जी की ॐ जय गंगे माता, श्री जय गंगे माता जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फ़ल पाता. ॐ जय गंगा माता चन्द्र-सी ज्योति तुम्हारी, जल निर्मल आता शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता. ॐ जय गंगा माता पुत्र सगर के तारे, सब जग को ज्ञाता कृपा दृष्टि हो तुम्हारी, त्रिभुवन सुखदाता. ॐ जय गंगा माता एक बार जो प्राणी, शरण तेरी आता यम की त्रास मिटाकर, परमगति पाता. ॐ जय गंगा माता आरती मातु तुम्हारी, जो नर नित गाता सेवक वही सहज में, मुक्ति को पाता. ॐ जय गंगा माता Ganga Mata ki Aarti Om Jai Gange Mata, Shri Jai Gange Mata Jo Nar Tumko Dhyata, Man Vanchit Phal Pata Om Jai Gange Mata !!

Read More »

Brihaspati Dev Aarti | बृहस्पति देव की आरती | Guruvaar Aarti

बृहस्पति देव की आरती ॐ जय वृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा छिन छिन भोग लगाऊ फल मेवा तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी जगत्पिता जगदीश्वर तुम सबके स्वामी चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता तन मन धन अर्पणकर जो जन शरण पड़े प्रभु प्रकट तब होकर, आकर द्वार खड़े दीं दयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी पाप दोष सब हर्ता, भावः बंधन हार सकल मनोरथ दायक, सब संशय तारो विषय विकार मिटाओ संतान सुखकारी जो कोई आरती तेरी प्रेम सहित गावे जेस्तानंद बंद सो सो निश्चय पावे सब बोलो विष्णु भगवान की जय सब बोलो बृहस्पति भगवान की जये Brihaspati Dev Aarti Om Jai Bhraspati Deva, Jai Bhraspati Deva. Chin Chin Bhoog Lagaoon Phal Mewa Tum Puran

Read More »

Surya Dev Aarti | सूर्य देव की आरती | ऊँ जय सूर्य भगवान

सूर्य देव की आरती ॐ जय सूर्य भगवान l जय हो तिनकर भगवान l जगत के नेत्र स्वरूपा l तुम हो त्रिगुणा स्वरूपा l धरता सबही सब ध्यान ll ॐ जय सूर्य भगवान. सारथी अरुण है प्रभु तुम l श्वेता कमालाधारी l तुम चार भुजा धारी l अश्वा है साथ तुम्हारे l कोटि किराना पसारे l तुम हो देव महान ll ॐ जय सूर्य भगवान. उषा काल में जब तुम l उदय चल आते l तब सब दर्शन पाते l फैलाते उजीआरा l जागता तब जग सारा l करे तब सब गुण गान ll ॐ जय सूर्य भगवान. भूचर जलचार खेचार l सब के हो प्राण तुम्ही l सब जीवो के प्राण तुम्ही l वेद पुराण भखाने l धर्म सभी

Read More »
Panchdhatu Maha Vidhya Matangi Yantra
Panchdhatu Maha Vidhya Matangi Yantra
₹1599₹1099
Shop Now
Golden Meru Shriparni Shreeyantra
Golden Meru Shriparni Shreeyantra
₹4099₹2230
Shop Now
Shree Raahu Yantra, Raahu Yantram (4.5 x 4cm approx)
Shree Raahu Yantra, Raahu Yantram (4.5 x 4cm approx)
₹1099₹399
Shop Now
Clear Quartz SriYantra
Clear Quartz SriYantra
Shop Now
Panchdhatu Shree Durga Navarna Yantra
Panchdhatu Shree Durga Navarna Yantra
₹1599₹1099
Shop Now
Shani Kavach
Shani Kavach
₹599₹367
Shop Now
Categories
Archives

Mahalakshmi Aarti | महालक्ष्मी आरती

🌺 श्री महालक्ष्मी आरती 🌺 माँ लक्ष्मी की कृपा पाने की पावन आरती 🙏 श्री महालक्ष्मी आरती (हिंदी) 🙏 जय देवी जय देवी जय महालक्ष्मी।वससी

Read More »

Mahalakshmi Ashtakam | महालक्ष्मी अष्टकम

हिंदू धर्म में देवी महालक्ष्मी को धन, वैभव, सौभाग्य और ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। जिस घर में उनका वास होता है, वहाँ

Read More »

Shri Hanuman Aarti

Shri Hanuman Aarti ||श्री हनुमान आरती|| आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की। जाके बल से गिरवर कांपे, रोग-दोष जाके निकट न

Read More »

Shri Vishwakarma Aarti | श्री विश्वकर्मा जी की आरती | विश्वकर्मा पूजा आरती

श्री विश्वकर्मा जी की आरती जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा | सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा || आदि सृष्टि मे विधि

Read More »

Brihaspati Dev Aarti | बृहस्पति देव की आरती | Guruvaar Aarti

बृहस्पति देव की आरती ॐ जय वृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा छिन छिन भोग लगाऊ फल मेवा तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी जगत्पिता जगदीश्वर तुम

Read More »

Related Products

My Cart
Wishlist
Recently Viewed
Categories