Remedywala

Categories
Archives
Rudraksha Meditation Mat
Rudraksha Meditation Mat
₹4099₹2099
Shop Now
Clear Quartz Platonic Sacred Geometry Set of 7
Clear Quartz Platonic Sacred Geometry Set of 7
₹2095₹952
Shop Now
Snowflake Obsidian Bracelet 8mm
Snowflake Obsidian Bracelet 8mm
₹1099₹502
Shop Now
Brecciated Jasper Bracelet 8mm with Ring Charm
Brecciated Jasper Bracelet 8mm with Ring Charm
₹1099₹565
Shop Now
Rose Quartz Oval Shape Frame Pendant
Rose Quartz Oval Shape Frame Pendant
₹1099₹403
Shop Now
Larimar Bracelet 8mm With Ring Charm
Larimar Bracelet 8mm With Ring Charm
₹2099₹1419
Shop Now

Shri Shani Dev Ki Aarti | श्री शनि देव जी आरती | lyrics of Shani Dev Ki Aarti

श्री शनि देव जी आरती !! जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी, सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी, जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी !! !! श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी, नालाम्बर धार नाथ गज की अवसारी, जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी !! !! क्रीट मुकुट शीश रजित दिपत है लिलारी, मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी, जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी !! !! मोदक मिष्ठान पान चढ़त है सुपारी, लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी, जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी !! !! दे दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी, विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी, जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी !! ॐ शं शनिश्चराय नमः Shri Shani Dev Aarti !! Jai Jai Shri Shanidev

Read More »

Chandra Dev Ji ki Aarti | चन्द्र देव की आरती | Aarti Chandra Dev ki

चन्द्र देव की आरती ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा । दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी । रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी । दीन दयाल दयानिधि, भव बन्धन हारी । जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे । सकल मनोरथ दायक, निर्गुण सुखराशि । योगीजन हृदय में, तेरा ध्यान धरें । ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, सन्त करें सेवा । वेद पुराण बखानत, भय पातक हारी । प्रेमभाव से पूजें, सब जग के नारी । शरणागत प्रतिपालक, भक्तन हितकारी । धन सम्पत्ति और वैभव, सहजे सो पावे । विश्व चराचर पालक, ईश्वर अविनाशी । सब जग के नर नारी, पूजा पाठ करें । ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा । दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी

Read More »

Gau Mata Aarti | गौमाता की आरती | जय गौ माता

गौमाता की आरती आरती श्री गैया मैया की आरती हरनि विश्वधैया की || अर्थकाम सद्धर्म प्रदायिनी, अविचल अमल मुक्तिपद्दायिनी || सुर मानव सौभाग्याविधायिनी, प्यारी पूज्य नन्द छैया की || अखिल विश्व प्रतिपालिनी माता, मधुर अमिय दुग्धान्न प्रब्दाता || रोग शोक संकट परित्राता, भवसागर हित दृढ़ नैया की || आयु ओज आरोग्यविकाशिनी, दुःख दैन्य दारिद्रय विनाशिनी || सुष्मा सौख्य समृद्धि प्रकाशिनी, विमल विवेक बुद्धि दैया की || सेवक हो चाहे दुखदाई, सा पय सुधा पियावति माई || शत्रु-मित्र सबको सुखदायी, स्नेह स्वभाव विश्व जैया की || Gau Mata Aarti Aarti Shri Gaiya Maiya Ki, Aarti Harni Viswadhaiya Ki Arthkaam Saddharm Pradaayini, Avichal Amal Muktipadyaini Sur Maanav Saubhagyavidhayini, Pyaari Pujya Nand Chaiya Ki Akhil Vishwa Pratipaalini Maata, Madhur Amiy Dugdhanan Prabdaata Rog

Read More »

shri balaji ki aarti | श्री बालाजी आरती | shri salasar balaji ki aarti

श्री बालाजी आरती ॐ जय हनुमत वीरा स्वामी जय हनुमत वीरा संकट मोचन स्वामी तुम हो रनधीरा ||ॐ जय || पवन पुत्र अंजनी सूत महिमा अति भारी दुःख दरिद्र मिटाओ संकट सब हारी ||ॐ जय || बाल समय में तुमने रवि को भक्ष लियो देवन स्तुति किन्ही तुरतहिं छोड़ दियो ||ॐ जय || कपि सुग्रीव राम संग मैत्री करवाई अभिमानी बलि मेटयो कीर्ति रही छाई ||ॐ जय || जारि लंक सिय-सुधि ले आए, वानर हर्षाये कारज कठिन सुधारे, रघुबर मन भाये ||ॐ जय || शक्ति लगी लक्ष्मण को, भारी सोच भयो लाय संजीवन बूटी, दुःख सब दूर कियो ||ॐ जय || रामहि ले अहिरावण, जब पाताल गयो ताहि मारी प्रभु लाय, जय जयकार भयो ||ॐ जय || राजत मेहंदीपुर में,

Read More »

Shri Vishwakarma Aarti | श्री विश्वकर्मा जी की आरती | विश्वकर्मा पूजा आरती

श्री विश्वकर्मा जी की आरती जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा | सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा || आदि सृष्टि मे विधि को श्रुति उपदेश दिया | जीव मात्रा का जाग मे, ज्ञान विकास किया || ऋषि अंगीरा ताप से, शांति नहीं पाई | रोग ग्रस्त राजा ने जब आश्रया लीना | संकट मोचन बनकर डोर दुःखा कीना || जय श्री विश्वकर्मा जब रथकार दंपति, तुम्हारी टर करी | सुनकर दीं प्रार्थना, विपत हरी सागरी || एकानन चतुरानन, पंचानन राजे | त्रिभुज चतुर्भुज दशभुज, सकल रूप सजे || ध्यान धरे तब पद का, सकल सिद्धि आवे | मन द्विविधा मिट जावे, अटल शक्ति पावे || श्री विश्वकर्मा की आरती जो कोई गावे | भाजात गजानांद स्वामी, सुख

Read More »

Parvati Mata Ki Aarti | माता पार्वती जी की आरती | Shri Parvati Maa

माता पार्वती जी की आरती जय पार्वती माता जय पार्वती माता ब्रम्हा सनातन देवी शुभ फल कदा दाता || जय पार्वती || अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता || जय पार्वती || सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा देव वधु जहं गावत नृत्य करता था || जय पार्वती || सतयुग शील सुसुन्दर नाम सटी कहलाता हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता || जय पार्वती || शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाता || जय पार्वती || सृष्टी रूप तुही जननी शिव संग रंगराता नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता || जय पार्वती || देवन अरज करत हम चित को लाता गावत दे दे ताली मन में रंगराता || जय

Read More »

Maa Jagdamba Aarti | जगदम्बा माता जी की आरती | Jagdamba Mata Ki Aarti

जगदम्बा माता जी की आरती आरती कीजे शैल सुता की जग्दाम्बजी की, स्नेह सुधा सुख सुन्दर लीजै, जिनके नाम लेट दृग भीजै, ऐसी वह माता वसुधा की आरती कीजे शैल सुता की जग्दाम्बजी की, || आरती कीजे || पाप विनाशिनी कलि मॉल हारिणी, दयामयी भवसागर तारिणी शस्त्र धारिणी शैल विहारिणी, बुधिराशी गणपति माता की आरती कीजे शैल सुता की जग्दाम्बजी की, || आरती कीजे || सिंहवाहिनी मातु भवानी, गौरव गान करें जग प्राणी शिव के हृदयासन की रानी, करें आरती मिल- जुल ताकि आरती कीजे शैल सुता की जग्दाम्बजी की, || आरती कीजे || Maa Jagdamba Aarti Aarti Kije Shail Suta Ki Jagdambaji, Sneh Sudha Sukh Sundar Lije, Jinke Naam Let Drig Bhije, Aisi Vah Maataa Vasudhaa Ki Aarti Kije

Read More »

Sheetala Mata Aarti | शीतला माता की आरती | Shitla Mata Aarti

शीतला माता की आरती जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता, आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता | जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता | रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भ्राता, ऋद्धिसिद्धि चंवर डोलावें, जगमग छवि छाता | जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता | विष्णु सेवत ठाढ़े, सेवें शिव धाता, वेद पुराण बरणत पार नहीं पाता | जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता | इन्द्र मृदंग बजावत चन्द्र वीणा हाथा, सूरज ताल बजाते नारद मुनि गाता | जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता | घंटा शंख शहनाई बाजै मन भाता, करै भक्त जन आरति लखि लखि हरहाता | जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता | ब्रह्म रूप वरदानी तुही तीन काल ज्ञाता, भक्तन

Read More »

Maa Chintpurni Aarti | श्री चिंतपूर्णी माता की आरती | Chintpurni Mata Ki Aarti

श्री चिंतपूर्णी माता की आरती चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी, जग को तारो भोली माँ जन को तारो भोली माँ, काली दा पुत्र पवन दा घोड़ा || भोली माँ || सिन्हा पर भाई असवार, भोली माँ, चिंतपूर्णी चिंता दूर || भोली माँ || एक हाथ खड़ग दूजे में खांडा, तीजे त्रिशूल सम्भालो, || भोली माँ || चौथे हाथ चक्कर गदा, पाँचवे-छठे मुण्ड़ो की माला, || भोली माँ || सातवे से रुण्ड मुण्ड बिदारे, आठवे से असुर संहारो, || भोली माँ || चम्पे का बाग़ लगा अति सुन्दर, बैठी दीवान लगाये, || भोली माँ || हरी ब्रम्हा तेरे भवन विराजे, लाल चंदोया बैठी तान, || भोली माँ || औखी घाटी विकटा पैंडा, तले बहे दरिया, || भोली माँ || सुमन चरण ध्यानु

Read More »

Gayatri Mata Aarti | श्री गायत्री देवी की आरती | Aarti Gayatri Mata Ki

श्री गायत्री देवी की आरती आरती श्री गायत्रीजी की ज्ञानद्वीप और श्रद्धा की बाती। सो भक्ति ही पूर्ति करै जहं घी को।। आरती… मानस की शुची थाल के ऊपर। देवी की ज्योत जगैं जह नीकी।। आरती… शुद्ध मनोरथ ते जहां घण्टा। बाजै करै आसुह ही की।। आरती… जाके समक्ष हमें तिहुं लोक के। गद्दी मिले सबहुं लगै फीकी।। आरती… आरती प्रेम सौ नेम सो करि। ध्यावहिं मूरति ब्रह्मा लली की।। आरती… संकट आवै न पास कबौ तिन्हें। सम्पदा और सुख की बनै लीकी।। आरती… Gayatri Mata Aarti Aarti shri Gayatri ji ki Gyan ko dip aur shraddha ki bati So bhakti hi purti karai jahan ghiki, aarti… Manas ki shuchi thal ke upar, Devi ki joti jagai jahniki, aarti… Shudhi

Read More »
Energized Wooden Sriparni Sri Yantra Plate (6 Inch Approx)
Energized Wooden Sriparni Sri Yantra Plate (6 Inch Approx)
₹1599₹898
Shop Now
Chandra Yantra, Moon Yantra (4.5 x 4cm approx)
Chandra Yantra, Moon Yantra (4.5 x 4cm approx)
₹1099₹399
Shop Now
Panchdhatu Shree Baglamukhi Yantra
Panchdhatu Shree Baglamukhi Yantra
₹1599₹1099
Shop Now
Shree Surya Yantra (4.5 x 4cm approx)
Shree Surya Yantra (4.5 x 4cm approx)
₹1099₹399
Shop Now
Baglamukhi Maha Wooden base Yantra Kavach
Baglamukhi Maha Wooden base Yantra Kavach
₹1199₹599
Shop Now
Siddh Shri Sampurna Navgrah Yantram(4 inch)
Siddh Shri Sampurna Navgrah Yantram(4 inch)
₹2099₹1099
Shop Now
Categories
Archives

Gau Mata Aarti | गौमाता की आरती | जय गौ माता

गौमाता की आरती आरती श्री गैया मैया की आरती हरनि विश्वधैया की || अर्थकाम सद्धर्म प्रदायिनी, अविचल अमल मुक्तिपद्दायिनी || सुर मानव सौभाग्याविधायिनी, प्यारी पूज्य

Read More »

Shri Vishwakarma Aarti | श्री विश्वकर्मा जी की आरती | विश्वकर्मा पूजा आरती

श्री विश्वकर्मा जी की आरती जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा | सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा || आदि सृष्टि मे विधि

Read More »

Related Products

My Cart
Wishlist
Recently Viewed
Categories