.

Remedywala

Categories
Archives
Bloodstone Pencil Pendant
Bloodstone Pencil Pendant
₹999₹99
Shop Now
Amethyst Japa Mala With Certificate 6mm Beads Mala
Amethyst Japa Mala With Certificate 6mm Beads Mala
₹1999₹1095
Shop Now
Gomti Chakra Tree 100 Beads
Gomti Chakra Tree 100 Beads
₹999₹591
Shop Now
Vastu Copper Pyramid with Base Size 3.5CM
Vastu Copper Pyramid with Base Size 3.5CM
₹1499₹474
Shop Now
Green Aventurine Oval Shape Frame Pendant
Green Aventurine Oval Shape Frame Pendant
₹999₹285
Shop Now
Selenite Crystal Polished Wand
Selenite Crystal Polished Wand
₹999₹499
Shop Now

Ganga Mata ki Aarti | आरती श्री गंगा जी की | Ganga Aarti

आरती श्री गंगा जी की ॐ जय गंगे माता, श्री जय गंगे माता जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फ़ल पाता. ॐ जय गंगा माता चन्द्र-सी ज्योति तुम्हारी, जल निर्मल आता शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता. ॐ जय गंगा माता पुत्र सगर के तारे, सब जग को ज्ञाता कृपा दृष्टि हो तुम्हारी, त्रिभुवन सुखदाता. ॐ जय गंगा माता एक बार जो प्राणी, शरण तेरी आता यम की त्रास मिटाकर, परमगति पाता. ॐ जय गंगा माता आरती मातु तुम्हारी, जो नर नित गाता सेवक वही सहज में, मुक्ति को पाता. ॐ जय गंगा माता Ganga Mata ki Aarti Om Jai Gange Mata, Shri Jai Gange Mata Jo Nar Tumko Dhyata, Man Vanchit Phal Pata Om Jai Gange Mata !!

Read More »

Brihaspati Dev Aarti | बृहस्पति देव की आरती | Guruvaar Aarti

बृहस्पति देव की आरती ॐ जय वृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा छिन छिन भोग लगाऊ फल मेवा तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी जगत्पिता जगदीश्वर तुम सबके स्वामी चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता तन मन धन अर्पणकर जो जन शरण पड़े प्रभु प्रकट तब होकर, आकर द्वार खड़े दीं दयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी पाप दोष सब हर्ता, भावः बंधन हार सकल मनोरथ दायक, सब संशय तारो विषय विकार मिटाओ संतान सुखकारी जो कोई आरती तेरी प्रेम सहित गावे जेस्तानंद बंद सो सो निश्चय पावे सब बोलो विष्णु भगवान की जय सब बोलो बृहस्पति भगवान की जये Brihaspati Dev Aarti Om Jai Bhraspati Deva, Jai Bhraspati Deva. Chin Chin Bhoog Lagaoon Phal Mewa Tum Puran

Read More »

Surya Dev Aarti | सूर्य देव की आरती | ऊँ जय सूर्य भगवान

सूर्य देव की आरती ॐ जय सूर्य भगवान l जय हो तिनकर भगवान l जगत के नेत्र स्वरूपा l तुम हो त्रिगुणा स्वरूपा l धरता सबही सब ध्यान ll ॐ जय सूर्य भगवान. सारथी अरुण है प्रभु तुम l श्वेता कमालाधारी l तुम चार भुजा धारी l अश्वा है साथ तुम्हारे l कोटि किराना पसारे l तुम हो देव महान ll ॐ जय सूर्य भगवान. उषा काल में जब तुम l उदय चल आते l तब सब दर्शन पाते l फैलाते उजीआरा l जागता तब जग सारा l करे तब सब गुण गान ll ॐ जय सूर्य भगवान. भूचर जलचार खेचार l सब के हो प्राण तुम्ही l सब जीवो के प्राण तुम्ही l वेद पुराण भखाने l धर्म सभी

Read More »

Shri Yamuna Ji Ki Aarti | जय जय श्री यमुना | यमुनाजी की आरती

यमुनाजी की आरती ॐ जय यमुना माता, हरि जय यमुना माता जो नहावे फल पावे सुख दुःख की दाता ॐ जय यमुना माता पावन श्रीयमुना जल अगम बहै धारा, जो जन शरण में आया कर दिया निस्तारा ॐ जय यमुना माता जो जन प्रातः ही उठकर नित्य स्नान करे, यम के त्रास न पावे जो नित्य ध्यान करे ॐ जय यमुना माता कलिकाल में महिमा तुम्हारी अटल रही, तुम्हारा बड़ा महातम चारो वेद कही ॐ जय यमुना माता आन तुम्हारे माता प्रभु अवतार लियो, नित्य निर्मल जल पीकर कंस को मार दियो ॐ जय यमुना माता नमो मात भय हरणी शुभ मंगल करणी मन बेचैन भया हैं तुम बिन वैतरणी ॐ जय यमुना माता Shri Yamuna Ji Ki Aarti Om

Read More »

Kaal bhairav ki aarti | भैरव जी की आरती | Jai Bhairav Deva

भैरव जी की आरती जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा जय काली और गौर देवी कृत सेवा || जय भैरव || तुम्ही पाप उद्धारक दुःख सिन्धु तारक भक्तो के सुख कारक भीषण वपु धारक || जय भैरव || वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी महिमा अमित तुम्हारी जय जय भयहारी || जय भैरव || तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होवे चौमुख दीपक दर्शन दुःख खोवे || जय भैरव || तेल चटकी दधि मिश्रित भाषावाली तेरी कृपा कीजिये भैरव, करिए नहीं देरी || जय भैरव || पाँव घुँघरू बाजत अरु डमरू दम्कावत बटुकनाथ बन बालक जल मन हरषावत || जय भैरव || बत्कुनाथ जी की आरती जो कोई नर गावे कहे धरनी धर नर मनवांछित फल पावे || जय

Read More »

Maa Vaishno Devi Aarti | वैष्णो देवी आरती | Aarti Mata Vaishno Ji

वैष्णो देवी आरती जय वैष्णवी माता, मैया जय वैष्णवी माता हाथ जोड़ तेरे आगे, आरती मैं गाता || जय वैष्णवी || शीश पर छत्र बिराजे, मुर्तिया प्यारी गंगा बहती चरनन, ज्योति जगे न्यारी || जय वैष्णवी || ब्रम्हावेद पढ़े नित द्वारे, शंकर ध्यान धरे सेवत चंवर डुलावत, नारद नृत्य करे || जय वैष्णवी || सुन्दर गुफा तुम्हारी, मन को अति भावे बार बार देखने को, ए माँ मन चावे || जय वैष्णवी || भवन पे झंडे झूले, घंटा ध्वनि बाजे ऊँचा पर्वत तेरा, माता प्रिय लागे || जय वैष्णवी || पाँव सुपारी ध्वजा नारियल, भेंट पिष्प मेवा दास खड़े चरणों में, दर्शन दो देवा || जय वैष्णवी || जो जन निश्चय करके, द्वार तेरे आवे इतनी स्तुति निशदिन, जो नर

Read More »

Sheetala Mata Aarti | शीतला माता की आरती | Shitla Mata Aarti

शीतला माता की आरती जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता, आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता | जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता | रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भ्राता, ऋद्धिसिद्धि चंवर डोलावें, जगमग छवि छाता | जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता | विष्णु सेवत ठाढ़े, सेवें शिव धाता, वेद पुराण बरणत पार नहीं पाता | जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता | इन्द्र मृदंग बजावत चन्द्र वीणा हाथा, सूरज ताल बजाते नारद मुनि गाता | जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता | घंटा शंख शहनाई बाजै मन भाता, करै भक्त जन आरति लखि लखि हरहाता | जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता | ब्रह्म रूप वरदानी तुही तीन काल ज्ञाता, भक्तन

Read More »

Maa Chintpurni Aarti | श्री चिंतपूर्णी माता की आरती | Chintpurni Mata Ki Aarti

श्री चिंतपूर्णी माता की आरती चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी, जग को तारो भोली माँ जन को तारो भोली माँ, काली दा पुत्र पवन दा घोड़ा || भोली माँ || सिन्हा पर भाई असवार, भोली माँ, चिंतपूर्णी चिंता दूर || भोली माँ || एक हाथ खड़ग दूजे में खांडा, तीजे त्रिशूल सम्भालो, || भोली माँ || चौथे हाथ चक्कर गदा, पाँचवे-छठे मुण्ड़ो की माला, || भोली माँ || सातवे से रुण्ड मुण्ड बिदारे, आठवे से असुर संहारो, || भोली माँ || चम्पे का बाग़ लगा अति सुन्दर, बैठी दीवान लगाये, || भोली माँ || हरी ब्रम्हा तेरे भवन विराजे, लाल चंदोया बैठी तान, || भोली माँ || औखी घाटी विकटा पैंडा, तले बहे दरिया, || भोली माँ || सुमन चरण ध्यानु

Read More »

Gayatri Mata Aarti | श्री गायत्री देवी की आरती | Aarti Gayatri Mata Ki

श्री गायत्री देवी की आरती आरती श्री गायत्रीजी की ज्ञानद्वीप और श्रद्धा की बाती। सो भक्ति ही पूर्ति करै जहं घी को।। आरती… मानस की शुची थाल के ऊपर। देवी की ज्योत जगैं जह नीकी।। आरती… शुद्ध मनोरथ ते जहां घण्टा। बाजै करै आसुह ही की।। आरती… जाके समक्ष हमें तिहुं लोक के। गद्दी मिले सबहुं लगै फीकी।। आरती… आरती प्रेम सौ नेम सो करि। ध्यावहिं मूरति ब्रह्मा लली की।। आरती… संकट आवै न पास कबौ तिन्हें। सम्पदा और सुख की बनै लीकी।। आरती… Gayatri Mata Aarti Aarti shri Gayatri ji ki Gyan ko dip aur shraddha ki bati So bhakti hi purti karai jahan ghiki, aarti… Manas ki shuchi thal ke upar, Devi ki joti jagai jahniki, aarti… Shudhi

Read More »

Shri Gauri Nandan Aarti | ॐ गणेश जय गौरी नंदन | Ganpati Aarti

ॐ गणेश जय गौरी नंदन ॐ जय गौरी नंदन, प्रभु जय गौरी नंदन गणपति विघ्न निकंदन, मंगल निःस्पंदन || ॐ जय || ऋद्धि सिद्धियाँ जिनके, नित ही चंवर करे करिवर मुख सुखकारक, गणपति विघ्न हरे || ॐ जय || देवगणों में पहले तव पूजा होती तब मुख छवि भक्तो के निदारिद खोती || ॐ जय || गुड़ का भोग लगत हैं कर मोदक सोहे ऋद्धि सिद्धि सह-शोभित, त्रिभुवन मन मोहै || ॐ जय || लंबोदर भय हारी, भक्तो के त्राता मातृ-भक्त हो तुम्ही, वाँछित फल दाता || ॐ जय || मूषक वाहन राजत, कनक छत्रधारी विघ्नारण्यदवानल, शुभ मंगलकारी || ॐ जय || धरणीधर कृत आरती गणपति की गावे सुख संपत्ति युक्त होकर वह वांछित पावे || ॐ जय || Gauri

Read More »
Buddh Yantra, Buddha Yantram (4.5 x 4cm approx)
Buddh Yantra, Buddha Yantram (4.5 x 4cm approx)
₹999₹299
Shop Now
Shri Panchmukhi Hanuman Wooden Base Yantra
Shri Panchmukhi Hanuman Wooden Base Yantra
₹999₹299
Shop Now
Panchdhatu Tara Poojan Yantra
Panchdhatu Tara Poojan Yantra
₹1999₹999
Shop Now
Shree Mahamritunjaya Yantra in Brass
Shree Mahamritunjaya Yantra in Brass
₹999₹519
Shop Now
Clear Quartz SriYantra
Clear Quartz SriYantra
Shop Now
Siddh Shri Sampurna Yantram(6.5 inch)
Siddh Shri Sampurna Yantram(6.5 inch)
₹2499₹1500
Shop Now
Categories
Archives

Brihaspati Dev Aarti | बृहस्पति देव की आरती | Guruvaar Aarti

बृहस्पति देव की आरती ॐ जय वृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा छिन छिन भोग लगाऊ फल मेवा तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी जगत्पिता जगदीश्वर तुम

Read More »

Related Products

My Cart
Wishlist
Recently Viewed
Categories