Remedywala

Categories
Archives
Tiger Eye Sphere Ball
Tiger Eye Sphere Ball
₹1599₹1099
Shop Now
Rose Quartz Green Jade Combination Bracelet With Budhha Charm
Rose Quartz Green Jade Combination Bracelet With Budhha Charm
₹1099₹430
Shop Now
Sunstone Half Moon Pendant
Sunstone Half Moon Pendant
₹1099₹448
Shop Now
Remedywala Vastu Black Wavy Round Anticlockwise Spring
Remedywala Vastu Black Wavy Round Anticlockwise Spring
₹1099₹223
Shop Now
Black Tourmaline Oval Shape Rough Stone Pendant
Black Tourmaline Oval Shape Rough Stone Pendant
₹1099₹484
Shop Now
Lemon Quartz Bracelet with Ring Charm 8mm
Lemon Quartz Bracelet with Ring Charm 8mm
₹1099₹575
Shop Now

Shri Yamuna Ji Ki Aarti | जय जय श्री यमुना | यमुनाजी की आरती

यमुनाजी की आरती ॐ जय यमुना माता, हरि जय यमुना माता जो नहावे फल पावे सुख दुःख की दाता ॐ जय यमुना माता पावन श्रीयमुना जल अगम बहै धारा, जो जन शरण में आया कर दिया निस्तारा ॐ जय यमुना माता जो जन प्रातः ही उठकर नित्य स्नान करे, यम के त्रास न पावे जो नित्य ध्यान करे ॐ जय यमुना माता कलिकाल में महिमा तुम्हारी अटल रही, तुम्हारा बड़ा महातम चारो वेद कही ॐ जय यमुना माता आन तुम्हारे माता प्रभु अवतार लियो, नित्य निर्मल जल पीकर कंस को मार दियो ॐ जय यमुना माता नमो मात भय हरणी शुभ मंगल करणी मन बेचैन भया हैं तुम बिन वैतरणी ॐ जय यमुना माता Shri Yamuna Ji Ki Aarti Om

Read More »

Kaal bhairav ki aarti | भैरव जी की आरती | Jai Bhairav Deva

भैरव जी की आरती जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा जय काली और गौर देवी कृत सेवा || जय भैरव || तुम्ही पाप उद्धारक दुःख सिन्धु तारक भक्तो के सुख कारक भीषण वपु धारक || जय भैरव || वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी महिमा अमित तुम्हारी जय जय भयहारी || जय भैरव || तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होवे चौमुख दीपक दर्शन दुःख खोवे || जय भैरव || तेल चटकी दधि मिश्रित भाषावाली तेरी कृपा कीजिये भैरव, करिए नहीं देरी || जय भैरव || पाँव घुँघरू बाजत अरु डमरू दम्कावत बटुकनाथ बन बालक जल मन हरषावत || जय भैरव || बत्कुनाथ जी की आरती जो कोई नर गावे कहे धरनी धर नर मनवांछित फल पावे || जय

Read More »

Maa Vaishno Devi Aarti | वैष्णो देवी आरती | Aarti Mata Vaishno Ji

वैष्णो देवी आरती जय वैष्णवी माता, मैया जय वैष्णवी माता हाथ जोड़ तेरे आगे, आरती मैं गाता || जय वैष्णवी || शीश पर छत्र बिराजे, मुर्तिया प्यारी गंगा बहती चरनन, ज्योति जगे न्यारी || जय वैष्णवी || ब्रम्हावेद पढ़े नित द्वारे, शंकर ध्यान धरे सेवत चंवर डुलावत, नारद नृत्य करे || जय वैष्णवी || सुन्दर गुफा तुम्हारी, मन को अति भावे बार बार देखने को, ए माँ मन चावे || जय वैष्णवी || भवन पे झंडे झूले, घंटा ध्वनि बाजे ऊँचा पर्वत तेरा, माता प्रिय लागे || जय वैष्णवी || पाँव सुपारी ध्वजा नारियल, भेंट पिष्प मेवा दास खड़े चरणों में, दर्शन दो देवा || जय वैष्णवी || जो जन निश्चय करके, द्वार तेरे आवे इतनी स्तुति निशदिन, जो नर

Read More »

Shri Shani Dev Ki Aarti | श्री शनि देव जी आरती | lyrics of Shani Dev Ki Aarti

श्री शनि देव जी आरती !! जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी, सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी, जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी !! !! श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी, नालाम्बर धार नाथ गज की अवसारी, जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी !! !! क्रीट मुकुट शीश रजित दिपत है लिलारी, मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी, जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी !! !! मोदक मिष्ठान पान चढ़त है सुपारी, लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी, जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी !! !! दे दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी, विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी, जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी !! ॐ शं शनिश्चराय नमः Shri Shani Dev Aarti !! Jai Jai Shri Shanidev

Read More »

Chandra Dev Ji ki Aarti | चन्द्र देव की आरती | Aarti Chandra Dev ki

चन्द्र देव की आरती ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा । दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी । रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी । दीन दयाल दयानिधि, भव बन्धन हारी । जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे । सकल मनोरथ दायक, निर्गुण सुखराशि । योगीजन हृदय में, तेरा ध्यान धरें । ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, सन्त करें सेवा । वेद पुराण बखानत, भय पातक हारी । प्रेमभाव से पूजें, सब जग के नारी । शरणागत प्रतिपालक, भक्तन हितकारी । धन सम्पत्ति और वैभव, सहजे सो पावे । विश्व चराचर पालक, ईश्वर अविनाशी । सब जग के नर नारी, पूजा पाठ करें । ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा । दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी

Read More »

Gau Mata Aarti | गौमाता की आरती | जय गौ माता

गौमाता की आरती आरती श्री गैया मैया की आरती हरनि विश्वधैया की || अर्थकाम सद्धर्म प्रदायिनी, अविचल अमल मुक्तिपद्दायिनी || सुर मानव सौभाग्याविधायिनी, प्यारी पूज्य नन्द छैया की || अखिल विश्व प्रतिपालिनी माता, मधुर अमिय दुग्धान्न प्रब्दाता || रोग शोक संकट परित्राता, भवसागर हित दृढ़ नैया की || आयु ओज आरोग्यविकाशिनी, दुःख दैन्य दारिद्रय विनाशिनी || सुष्मा सौख्य समृद्धि प्रकाशिनी, विमल विवेक बुद्धि दैया की || सेवक हो चाहे दुखदाई, सा पय सुधा पियावति माई || शत्रु-मित्र सबको सुखदायी, स्नेह स्वभाव विश्व जैया की || Gau Mata Aarti Aarti Shri Gaiya Maiya Ki, Aarti Harni Viswadhaiya Ki Arthkaam Saddharm Pradaayini, Avichal Amal Muktipadyaini Sur Maanav Saubhagyavidhayini, Pyaari Pujya Nand Chaiya Ki Akhil Vishwa Pratipaalini Maata, Madhur Amiy Dugdhanan Prabdaata Rog

Read More »

Maa Jagdamba Aarti | जगदम्बा माता जी की आरती | Jagdamba Mata Ki Aarti

जगदम्बा माता जी की आरती आरती कीजे शैल सुता की जग्दाम्बजी की, स्नेह सुधा सुख सुन्दर लीजै, जिनके नाम लेट दृग भीजै, ऐसी वह माता वसुधा की आरती कीजे शैल सुता की जग्दाम्बजी की, || आरती कीजे || पाप विनाशिनी कलि मॉल हारिणी, दयामयी भवसागर तारिणी शस्त्र धारिणी शैल विहारिणी, बुधिराशी गणपति माता की आरती कीजे शैल सुता की जग्दाम्बजी की, || आरती कीजे || सिंहवाहिनी मातु भवानी, गौरव गान करें जग प्राणी शिव के हृदयासन की रानी, करें आरती मिल- जुल ताकि आरती कीजे शैल सुता की जग्दाम्बजी की, || आरती कीजे || Maa Jagdamba Aarti Aarti Kije Shail Suta Ki Jagdambaji, Sneh Sudha Sukh Sundar Lije, Jinke Naam Let Drig Bhije, Aisi Vah Maataa Vasudhaa Ki Aarti Kije

Read More »

Sheetala Mata Aarti | शीतला माता की आरती | Shitla Mata Aarti

शीतला माता की आरती जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता, आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता | जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता | रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भ्राता, ऋद्धिसिद्धि चंवर डोलावें, जगमग छवि छाता | जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता | विष्णु सेवत ठाढ़े, सेवें शिव धाता, वेद पुराण बरणत पार नहीं पाता | जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता | इन्द्र मृदंग बजावत चन्द्र वीणा हाथा, सूरज ताल बजाते नारद मुनि गाता | जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता | घंटा शंख शहनाई बाजै मन भाता, करै भक्त जन आरति लखि लखि हरहाता | जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता | ब्रह्म रूप वरदानी तुही तीन काल ज्ञाता, भक्तन

Read More »

Maa Chintpurni Aarti | श्री चिंतपूर्णी माता की आरती | Chintpurni Mata Ki Aarti

श्री चिंतपूर्णी माता की आरती चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी, जग को तारो भोली माँ जन को तारो भोली माँ, काली दा पुत्र पवन दा घोड़ा || भोली माँ || सिन्हा पर भाई असवार, भोली माँ, चिंतपूर्णी चिंता दूर || भोली माँ || एक हाथ खड़ग दूजे में खांडा, तीजे त्रिशूल सम्भालो, || भोली माँ || चौथे हाथ चक्कर गदा, पाँचवे-छठे मुण्ड़ो की माला, || भोली माँ || सातवे से रुण्ड मुण्ड बिदारे, आठवे से असुर संहारो, || भोली माँ || चम्पे का बाग़ लगा अति सुन्दर, बैठी दीवान लगाये, || भोली माँ || हरी ब्रम्हा तेरे भवन विराजे, लाल चंदोया बैठी तान, || भोली माँ || औखी घाटी विकटा पैंडा, तले बहे दरिया, || भोली माँ || सुमन चरण ध्यानु

Read More »

Gayatri Mata Aarti | श्री गायत्री देवी की आरती | Aarti Gayatri Mata Ki

श्री गायत्री देवी की आरती आरती श्री गायत्रीजी की ज्ञानद्वीप और श्रद्धा की बाती। सो भक्ति ही पूर्ति करै जहं घी को।। आरती… मानस की शुची थाल के ऊपर। देवी की ज्योत जगैं जह नीकी।। आरती… शुद्ध मनोरथ ते जहां घण्टा। बाजै करै आसुह ही की।। आरती… जाके समक्ष हमें तिहुं लोक के। गद्दी मिले सबहुं लगै फीकी।। आरती… आरती प्रेम सौ नेम सो करि। ध्यावहिं मूरति ब्रह्मा लली की।। आरती… संकट आवै न पास कबौ तिन्हें। सम्पदा और सुख की बनै लीकी।। आरती… Gayatri Mata Aarti Aarti shri Gayatri ji ki Gyan ko dip aur shraddha ki bati So bhakti hi purti karai jahan ghiki, aarti… Manas ki shuchi thal ke upar, Devi ki joti jagai jahniki, aarti… Shudhi

Read More »
Remedywala Energized Copper Swastik
Remedywala Energized Copper Swastik
Shop Now
Kaal Sarp Yog Nivaaran Yantra (3 inch)
Kaal Sarp Yog Nivaaran Yantra (3 inch)
₹1099₹399
Shop Now
Meru Sriparni Shreeyantra Vastu Pyramid With Tortoise Base
Meru Sriparni Shreeyantra Vastu Pyramid With Tortoise Base
₹2099₹1195
Shop Now
Sphatik Shivling Crystal Clear Quartz Shiv Lingam
Sphatik Shivling Crystal Clear Quartz Shiv Lingam
₹4099₹2575
Shop Now
Shani Kavach
Shani Kavach
₹599₹367
Shop Now
Buddh Yantra, Buddha Yantram (4.5 x 4cm approx)
Buddh Yantra, Buddha Yantram (4.5 x 4cm approx)
₹1099₹399
Shop Now
Categories
Archives

Gau Mata Aarti | गौमाता की आरती | जय गौ माता

गौमाता की आरती आरती श्री गैया मैया की आरती हरनि विश्वधैया की || अर्थकाम सद्धर्म प्रदायिनी, अविचल अमल मुक्तिपद्दायिनी || सुर मानव सौभाग्याविधायिनी, प्यारी पूज्य

Read More »

Related Products

My Cart
Wishlist
Recently Viewed
Categories