Shree Hanuman Mahima Stotra | श्री हनुमान महिमा स्तोत्र
हनुमान महिमा स्तोत्र एक बहुत ही शक्तिशाली स्तोत्र है, जो भगवान हनुमान की महिमा और उनके शक्तियों को उजागर करता है। इसे विशेष रूप से
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हनुमान महिमा स्तोत्र एक बहुत ही शक्तिशाली स्तोत्र है, जो भगवान हनुमान की महिमा और उनके शक्तियों को उजागर करता है। इसे विशेष रूप से
Hanuman Chaturdasha Stotra भगवान हनुमान जी की स्तुति में रचा गया 14 श्लोकों (चतुर्दश = 14) वाला एक प्राचीन संस्कृत स्तोत्र है। माना जाता है
॥ श्री हनुमान सूक्तम् ॥ श्रीमन्तो सर्वलक्षणसम्पन्नो जयप्रदःसर्वाभरणभूषित उदारो महोन्नतोष्ट्रारूढःकेसरीप्रियनन्न्दनो वायुतनूजो यथेच्छं पम्पातीरविहारीगन्धमादनसञ्चारी हेमप्राकाराञ्चितकनककदलीवनान्तरनिवासीपरमात्मा वनेचरशापविमोचनोहेमकनकवर्णो नानारत्नखचिताममूल्यां मेखलां च स्वर्णोपवीतंकौशेयवस्त्रं च बिभ्राणः सनातनो परमपुरषोमहाबलो अप्रमेयप्रतापशाली रजितवर्णःशुद्धस्पटिकसङ्काशः
श्री अंजनेय अनुग्रह स्तोत्र (Sri Anjaneya Anugraha Stotra) भगवान हनुमान जी को समर्पित एक स्तोत्र है, जो उनकी कृपा, सुरक्षा, शक्ति और बाधाओं को दूर
हनुमान कृपा स्तोत्र एक पवित्र संस्कृत रचना है, जो भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धा और भक्ति से गाई या पढ़ी जाती
॥ श्री हनुमान जया कवचम् ॥ अथ ध्यानम् श्यामं गभीरं वदनं वानरेंद्रं दान्तं कपीन्द्रं भुजगाभरणं तम् । दिव्यायुधं वज्रधरं प्रसन्नं ध्यायेत् कपिं सर्वविघ्नोपशान्तये ॥ ॥
संकटमोचन हनुमान स्तोत्र मत्तगयन्द छन्दबाल समय रबि भक्षि लियो तब तीनहुँ लोक भयो अँधियारो ।ताहि सों त्रास भयो जग को यह संकट काहु सों जात
Hanuman Raksha Stotra “हनुमान रक्षा स्तोत्र एक शक्तिशाली ग्रंथि है जो भगवान हनुमान की दिव्य रक्षा प्रदान करती है। इसे पाठ करने से शारीरिक, मानसिक
Hanuman Anjali Stotra 🔸 हनुमान अंजलि स्तोत्र: परिचय – यह स्तोत्र भगवान हनुमान को अर्पित पूजास्थल पर अंजलि अर्पण करते समय पढ़ा जाता है।– इसमें
Hanumat Pancharatnam हनुमत्पञ्चरत्न स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली भक्ति स्तोत्र है, जिसे आदि गुरु शंकराचार्य ने भगवान श्री हनुमान की महिमा का वर्णन करते हुए रचा।
हनुमान महिमा स्तोत्र एक बहुत ही शक्तिशाली स्तोत्र है, जो भगवान हनुमान की महिमा और उनके शक्तियों को उजागर करता है। इसे विशेष रूप से
Hanuman Chaturdasha Stotra भगवान हनुमान जी की स्तुति में रचा गया 14 श्लोकों (चतुर्दश = 14) वाला एक प्राचीन संस्कृत स्तोत्र है। माना जाता है
॥ श्री हनुमान सूक्तम् ॥ श्रीमन्तो सर्वलक्षणसम्पन्नो जयप्रदःसर्वाभरणभूषित उदारो महोन्नतोष्ट्रारूढःकेसरीप्रियनन्न्दनो वायुतनूजो यथेच्छं पम्पातीरविहारीगन्धमादनसञ्चारी हेमप्राकाराञ्चितकनककदलीवनान्तरनिवासीपरमात्मा वनेचरशापविमोचनोहेमकनकवर्णो नानारत्नखचिताममूल्यां मेखलां च स्वर्णोपवीतंकौशेयवस्त्रं च बिभ्राणः सनातनो परमपुरषोमहाबलो अप्रमेयप्रतापशाली रजितवर्णःशुद्धस्पटिकसङ्काशः
श्री अंजनेय अनुग्रह स्तोत्र (Sri Anjaneya Anugraha Stotra) भगवान हनुमान जी को समर्पित एक स्तोत्र है, जो उनकी कृपा, सुरक्षा, शक्ति और बाधाओं को दूर
हनुमान कृपा स्तोत्र एक पवित्र संस्कृत रचना है, जो भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धा और भक्ति से गाई या पढ़ी जाती
॥ श्री हनुमान जया कवचम् ॥ अथ ध्यानम् श्यामं गभीरं वदनं वानरेंद्रं दान्तं कपीन्द्रं भुजगाभरणं तम् । दिव्यायुधं वज्रधरं प्रसन्नं ध्यायेत् कपिं सर्वविघ्नोपशान्तये ॥ ॥
संकटमोचन हनुमान स्तोत्र मत्तगयन्द छन्दबाल समय रबि भक्षि लियो तब तीनहुँ लोक भयो अँधियारो ।ताहि सों त्रास भयो जग को यह संकट काहु सों जात
Hanuman Raksha Stotra “हनुमान रक्षा स्तोत्र एक शक्तिशाली ग्रंथि है जो भगवान हनुमान की दिव्य रक्षा प्रदान करती है। इसे पाठ करने से शारीरिक, मानसिक
Hanuman Anjali Stotra 🔸 हनुमान अंजलि स्तोत्र: परिचय – यह स्तोत्र भगवान हनुमान को अर्पित पूजास्थल पर अंजलि अर्पण करते समय पढ़ा जाता है।– इसमें
Hanumat Pancharatnam हनुमत्पञ्चरत्न स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली भक्ति स्तोत्र है, जिसे आदि गुरु शंकराचार्य ने भगवान श्री हनुमान की महिमा का वर्णन करते हुए रचा।
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