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Remedywala

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    Ashta Lakshmi Kavacham || अष्ट लक्ष्मी स्तोत्रम् ||

    अष्ट लक्ष्मी स्तोत्रम् आदिलक्ष्मि सुमनस वन्दित सुन्दरि माधवि, चन्द्र सहॊदरि हेममये मुनिगण वन्दित मोक्षप्रदायनि, मञ्जुल भाषिणि वेदनुते । पङ्कजवासिनि देव सुपूजित, सद्गुण वर्षिणि शान्तियुते जय जयहे मधुसूदन कामिनि, आदिलक्ष्मि परिपालय माम् ॥ 1 ॥ धान्यलक्ष्मि अयिकलि कल्मष नाशिनि कामिनि, वैदिक रूपिणि वेदमये क्षीर समुद्भव मङ्गल रूपिणि, मन्त्रनिवासिनि मन्त्रनुते । मङ्गलदायिनि अम्बुजवासिनि, देवगणाश्रित पादयुते जय जयहे […]

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  • Stotra

    Lakshmi Ashtottara Shatanama Stotra (108 Names) ||श्री लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली||

    Lakshmi Ashtottara Shatanama Stotra (108 Names) नाम (संस्कृत) मंत्र (देवनागरी) English प्रकृति ॐ प्रकृत्यै नमः। Om Prakrityai Namah विकृति ॐ विकृत्यै नमः। Om Vikrityai Namah विद्या ॐ विद्यायै नमः। Om Vidyayai Namah सर्वभूतहितप्रदा ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः। Om Sarvabhutahitapradayai Namah श्रद्धा ॐ श्रद्धायै नमः। Om Shraddhayai Namah विभूति ॐ विभूत्यै नमः। Om Vibhutyai Namah सुरभि ॐ […]

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  • Stotra

    Vyapar Vridhi Yantra | व्यापार वृद्धि यंत्र |

    व्यापार वृद्धि यंत्र: संतुलन, स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक व्यापार में जब ऊर्जा संतुलित होती है,तो बाधाएँ कम होती हैं और अवसर बढ़ते हैं।”व्यापार वृद्धि यंत्र” इसी संतुलन को मजबूत करने का एक आध्यात्मिक माध्यम है। व्यापार वृद्धि यंत्र क्या है? व्यापार वृद्धि यंत्र (Vyapar Vriddhi Yantra) एक पवित्र वैदिक ज्यामितीय यंत्र है, जिसे विशेष […]

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  • Mantra

    Kubera Gayatri – mornings ||कुबेर गायत्री मंत्र||

    कुबेर गायत्री मंत्र “ओम यक्ष राजाय विद्मय अलिकादिसाय दीमहे तन्ना कुबेर प्रीचोदयात्।” इस मंत्र का अर्थ यह है कि हम यक्षों के राजा और धन के देवता भगवान कुबेर को जानने और समझने का प्रयास करते हैं तथा उनके स्वरूप का ध्यान करते हैं। हम उनसे प्रार्थना करते हैं कि वे हमारी बुद्धि को प्रेरित […]

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  • Stotram

    Lakshmi Narayana Kavacham || श्री लक्ष्मीनारायण कवचम् ||

    | श्री लक्ष्मी नारायण कवचम्: दिव्य संरक्षण स्तोत्र | अधुना देवि वक्ष्यामि लक्ष्मीनारायणस्य ते ।कवचं मन्त्रगर्भं च वज्रपञ्जरकाख्यया ॥१॥ श्रीवज्रपञ्जरं नाम कवचं परमाद्भुतम् ।रहस्यं सर्वदेवानां साधकानां विशेषतः ॥२॥ यं धृत्वा भगवान् देवः प्रसीदति परः पुमान् ।यस्य धारणमात्रेण ब्रह्मा लोकपितामहः ॥३॥ ईश्वरोऽहं शिवो भीमो वासवोऽपि दिवस्पतिः ।सूर्यस्तेजोनिधिर्देवि चन्द्रर्मास्तारकेश्वरः ॥४॥ वायुश्च बलवांल्लोके वरुणो यादसाम्पतिः ।कुबेरोऽपि धनाध्यक्षो धर्मराजो […]

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  • Stotra

    Sri Hanuman Sahasra Stotra || श्री हनुमान सहस्रनाम स्तोत्र ||

    हनूमान् श्रीप्रदो वायुपुत्रो रुद्रो नयोऽजरः। अमृत्युर्वीरवीरश्च ग्रामवासो जनाश्रयः॥1॥ धनदो निर्गुणाकारो वीरो निधिपतिर्मुनिः। पिङ्गाक्षो वरदो वाग्मी सीताशोकविनाशनः॥2॥ शिवः शर्वः परोऽव्यक्तो व्यक्ताव्यक्तो धराधरः। पिङ्गकेशः पिङ्गरोमा श्रुतिगम्यः सनातनः॥3॥ अनादिर्भगवान् दिव्यो विश्वहेतुर्नराश्रयः। आरोग्यकर्ता विश्वेशो विश्वनाथो हरीश्वरः॥4॥ भर्गो रामो रामभक्तः कल्याणप्रकृतीश्वरः। विश्वम्भरो विश्वमूर्तिर्विश्वाकारोऽथ विश्वपः॥5॥ विश्वात्मा विश्वसेव्योऽथ विश्वो विश्वधरो रविः। विश्वचेष्टो विश्वगम्यो विश्वध्येयःकलाधरः॥6॥ प्लवङ्गमः कपिश्रेष्ठो ज्येष्ठो वेद्यो वनेचरः। बालो वृद्धो युवा […]

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  • Stotra

    Sowbhagya Lakshmi Stotram || सौभाग्य लक्ष्मी स्तोत्र ||

    सौभाग्य लक्ष्मी स्तोत्र ओं शुद्धलक्ष्म्यै बुद्धिलक्ष्मै वरलक्ष्मै नमो नमः । नमस्ते सौभाग्यलक्ष्यै महालक्ष्म्यै नमो नमः ॥ १ ॥ वचोलक्ष्मै काव्यलक्ष्मै गानलक्ष्म्यै नमो नमः । नमस्ते शृङ्गारलक्ष्म्यै महालक्ष्म्यै नमो नमः ॥ २ ॥ धनलक्ष्म्यै धान्यलक्ष्म्यै धरालक्ष्म्यै नमो नमः । नमस्ते अष्टैश्वर्यलक्ष्म्यै महालक्ष्म्यै नमो नमः ॥ ३ ॥ गृहलक्ष्म्यै ग्रामलक्ष्म्यै राज्यलक्ष्म्यै नमो नमः । नमस्ते साम्राज्यलक्ष्म्यै महालक्ष्म्यै […]

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  • Stuti

    Sri Hanuman Bhakti Madhuri

    हनुमान भक्ति माधुरी’ (Hanuman Bhakti Madhuri) का अर्थ है हनुमान जी की भक्ति का वह आनंद, मिठास और रस जो भक्त को प्राप्त होता है। यह केवल पूजा-पाठ या कर्मकांड नहीं है, बल्कि एक गहरी भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभूति है। हनुमान जी की भक्ति का अर्थ है: सेवा भाव (निःस्वार्थ प्रेम): हनुमान जी की भक्ति […]

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  • Stotra

    Hanuman Mangala Stotra

    हनुमान मंगल स्तोत्र, एक ऐसी दिव्य और शक्तिशाली पुकार है जो हम संकटमोचन श्री हनुमान जी और ऊर्जा के देव मंगल (भूमिपुत्र) को लगाते हैं। यह पाठ जीवन के सबसे बड़े और भारी बोझ—विशेषकर कर्ज, रोग और गहरे भय—को उतारने के लिए किया जाता है। जब कोई भक्त इसे पढ़ता है, तो वह हनुमान जी […]

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  • Stotram

    Shri Hanuman Anjali Stotram

    श्री हनुमान अञ्जली स्तोत्र   प्रणव हूं पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन।जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर।। अञ्जना-नन्दनं वीरं जानकी-शोक-नाशनम्कपीशमक्ष-हन्तारं वन्दे लङ्का-भयङ्करम्।। उल्लङ्घ्य सिन्धोः सलिलं सलीलंय: शोकवह्नींजनकात्मजाया:।आदाय तेनैव ददाह लङ्कां नमामि तं प्राञ्जलिराञ्जनेयम्।। मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये।। आञ्जनेयमतिपाटलाननं काञ्चनाद्रिकमनीय विग्रहम्पारिजाततरूमूल वासिनं भावयामि पवमाननंदनम्।। यत्र यत्र रघुनाथकीर्तनं तत्र तत्र […]

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