“भक्ति मंजरी” का अर्थ है—भक्ति के पुष्पों का गुच्छा, भावनाओं, प्रार्थनाओं और समर्पण के छोटे-छोटे फूलों का संग्रह। “Sri Hanuman Bhakti Manjari” उन भक्तों के लिए एक आध्यात्मिक अर्पण है जो अपने जीवन में हनुमान जी की शक्ति, कृपा और संरक्षण की तलाश करते हैं।
जब मन भयभीत हो, जीवन में संकट आए, या आत्मबल की कमी महसूस हो—हनुमान जी की भक्ति एक दीपक की तरह मार्ग दिखाती है। उनकी स्मरण से मन में आत्मविश्वास बढ़ता है, बुद्धि में स्पष्टता आती है और हृदय में शांति स्थापित होती है।
विनय स्तुति
हे अंजनेय, विनय के सागर,
तेरी चरण-धूलि है भाग्य हमारा।
राम-नाम में लीन तेरा मन,
हमको भी बना दे तेरा उपासक।
He Anjaneya, vinay ke sagar,
Teri charan-dhooti hai bhagya hamara.
Ram-naam mein leen tera mann,
Humko bhi bana de tera upasak.
बल-प्रद मंत्र
ॐ हनुमते नमः
सर्वरोग निवारणाय
सकल संकट हरणाय
बाल-बल-बुद्धि प्रदायकाय नमः।
Om Hanumate Namah
Sarva-rog nivaranaya
Sakal sankat haranaya
Bal-buddhi-pradayakaya namah.
संकटमोचन स्तुति
संकट में जो स्मरण तुम्हारा,
पल में मिटे अंधेरा घनघोरा।
भाव-सुमन जो चरणों में धरूँ,
रक्षा करो हे मंगलमूर्ते।
Sankat mein jo smaran tumhara,
Pal mein mite andhera ghanghora.
Bhav-suman jo charanon mein dharun,
Raksha karo he mangalmurte.
भक्तिरस मंजरी
तेरी भक्ति का अमृत प्यारा,
मन को दे आनंद अपार।
हे बजरंग, कृपा की वर्षा—
हर पल रखो संग हमारे।
Teri bhakti ka amrit pyara,
Mann ko de anand apaar.
He Bajrang, kripa ki varsha—
Har pal rakho sang hamare.
रामदूत वंदना
रामदूत, तेज-स्वरूप,
भक्त-रक्षक, दुख-हरण।
हे हनुमंत, स्वीकार करो—
हमारी यह भक्ति-अर्पण।
Ramdoot, tej-swaroop,
Bhakt-rakshak, dukh-haran.
He Hanumant, sveekar karo—
Hamari yeh bhakti-arpan.
हनुमान गायत्री मंत्र
ॐ अंजनेयाय विद्महे
वायुपुत्राय धीमहि
तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
Om Anjaneyaya Vidmahe
Vayuputraya Dheemahi
Tanno Hanumat Prachodayat॥
समर्पण प्रार्थना
हे महाबली, अब जीवन तेरा,
हर साँस में नाम बसे तेरा।
शक्ति दे, भक्ति दे, बुद्धि दे—
हमको बना ले दास तू अपना।
He Mahabali, ab jeevan tera,
Har saans mein naam base tera.
Shakti de, bhakti de, buddhi de—
Hamko bana le daas tu apna.
हे हनुमान, हमारी भक्ति-मंजरी स्वीकार करो और सदैव हमें अपने चरणों में स्थान दो।
