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अंजनेय अष्टोत्तर शतनामावली, जिसे श्री हनुमान जी के 108 पवित्र नामों के रूप में जाना जाता है, भक्ति, शक्ति और एकाग्रता का अद्भुत स्रोत है। यह नामावलि भक्तों को हनुमान जी के विविध स्वरूपों, गुणों और दिव्य लीलाओं से जोड़ती है। हर नाम में एक विशेष आध्यात्मिक शक्ति छिपी है, जो भक्त के भीतर साहस, बुद्धि, ऊर्जा और देवकृपा का संचार करती है। नियमित जप से जीवन में नकारात्मकता का नाश, बाधाओं का समाधान और ईष्ट सिद्धि प्राप्त होती है।

 

Anjaneya Ashtottara Shatanamavali

🌺अंजनेय अष्टोत्तर शतनामावली 🌺

ॐ आञ्जनेयाय नमः — अंजना के पुत्र को नमस्कार

ॐ महावीराय नमः — परम वीर को नमस्कार

ॐ हनुमते नमः — हनुमान स्वरूप को नमस्कार

ॐ मारुतात्मजाय नमः — पवनदेव के पुत्र

ॐ तत्त्वज्ञानप्रदाय नमः — आध्यात्मिक ज्ञान देने वाले

ॐ सीतादेवीमुद्राप्रदायकाय नमः — सीता माता की निशानी लाने वाले

ॐ अशोकवनिकाछ्छेत्रे नमः — अशोक वाटिका खोजने वाले

ॐ सर्वमायाविभञ्जनाय नमः — सभी माया का नाश करने वाले

ॐ सर्वबन्धविमोक्त्रे नमः — सभी बंधनों से मुक्त कराने वाले

ॐ राक्षोविध्वंसकारकाय नमः — राक्षसों का विनाश करने वाले

ॐ परविद्यापरीहारे नमः — शत्रु की विद्या नष्ट करने वाले

ॐ परशौर्यविनाशनाय नमः — शत्रु के पराक्रम को तोड़ने वाले

ॐ पर मन्त्र निराकर्त्रे नमः — शत्रु मंत्रों को निष्फल करने वाले

ॐ परयन्त्रप्रभेदकाय नमः — शत्रु यंत्रों को भेदने वाले

ॐ सर्वग्रहनाशिने नमः — ग्रह दोष का निवारण करने वाले

ॐ भीमसेनसहायकृत नमः — भीमसेन के सहायक

ॐ सर्वदुःखहराय नमः — सभी दुखों का नाश करने वाले

ॐ सर्वलोकचारिणे नमः — तीनों लोकों में विचरण करने वाले

ॐ मनोजवाय नमः — मन से भी तेज वेग वाले

ॐ पारिजातद्रुमूलस्थाय नमः — पारिजात वृक्ष के पास रहने वाले

ॐ सर्वमन्त्रस्वरूपवते नमः — सभी मंत्रों के स्वरूप

ॐ सर्वतन्त्रस्वरूपिणे नमः — सभी तंत्रों के स्वरूप

ॐ सर्वयन्त्रात्मकाय नमः — सभी यंत्रों के मूल स्वरूप

ॐ कपिश्वराय नमः — कपियों के इश्वर

ॐ महाकायाय नमः — विशाल शरीर वाले

ॐ सर्वरोगहराय नमः — सभी रोग हरने वाले

ॐ प्रभवे नमः — अत्यंत प्रभावशाली

ॐ बलसिद्धिकराय नमः — बल सिद्धि देने वाले

ॐ सर्वविद्यासम्पत्प्रदायकाय नमः — विद्या व संपत्ति प्रदान करने वाले

ॐ कपिसेनानायकाय नमः — वानर सेना के नायक

ॐ भविष्यच्छतुर्ननाय नमः — भविष्यो में ब्रह्मा समान

ॐ कुमारब्रह्मचारिणे नमः — बाल ब्रह्मचारी

ॐ रत्नकुण्डलदीप्तिमते नमः — रत्नों से चमकते कुंडल धारण करने वाले

ॐ संचलद्वालसन्नद्धलम्बमानशिखोज्जवलाय नमः — लहराती पूँछ और उज्जवल केश वाले

ॐ गन्धर्वविद्यातत्त्वज्ञाय नमः — गंधर्व विद्या के ज्ञाता

ॐ महाबलपराक्रमाय नमः — अपार बल और पराक्रम वाले

ॐ कारागृहविमोक्त्रे नमः — बंदीगृह से मुक्त कराने वाले

ॐ श्रृंखला बन्धमोचकाय नमः — बेड़ियाँ काटने वाले

ॐ सागरोतारकाय नमः — सागर पार करवाने वाले

ॐ प्राज्ञाय नमः — अत्यंत बुद्धिमान

ॐ रामदूताय नमः — भगवान राम के दूत

ॐ प्रतापवते नमः — तेजस्वी और पराक्रमी

ॐ वानराय नमः — वानर रूपधारी

ॐ केसरीसुताय नमः — केसरी के पुत्र

ॐ सीताशोकनिवारकाय नमः — सीता माता का शोक हरने वाले

ॐ अञ्जनागर्भसम्भूताय नमः — अंजना के गर्भ से उत्पन्न

ॐ बालार्कसदृशाननाय नमः — सुबह के सूर्य समान तेजमुख वाले

ॐ विभीषणप्रियकराय नमः — विभीषण के प्रिय

ॐ दशग्रीवकुलान्तकाय नमः — रावण कुल का अंत करने वाले

ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः — लक्ष्मण के प्राणदाता

ॐ वज्रकायाय नमः — वज्र समान शरीर वाले

ॐ महाद्युतये नमः — महान तेजस्वी

ॐ चिरंजीविने नमः — अमर

ॐ रामभक्ताय नमः — भगवान राम के महान भक्त

ॐ दैत्यकार्यविघातकाय नमः — दैत्य कार्य विफल करने वाले

ॐ अक्षहन्त्रे नमः — अक्षकुमार का वध करने वाले

ॐ काञ्चनाभाय नमः — सोने के समान चमकते

ॐ पंचवक्त्राय नमः — पंचमुखी रूप वाले

ॐ महातपसे नमः — महान तपस्वी

ॐ लंकिणीभञ्जनाय नमः — लंकिनी का नाश करने वाले

ॐ श्रीमते नमः — श्री सम्पन्न

ॐ सिंहींकाप्राणभञ्जनाय नमः — सिंहिका का वध करने वाले

ॐ गन्धमादनशैलस्थाय नमः — गंधमादन पर्वत पर स्थित

ॐ लंकापुरविदाहकाय नमः — लंका जलाने वाले

ॐ सुग्रीवसचिवाय नमः — सुग्रीव के मंत्री

ॐ धीराय नमः — धैर्यवान

ॐ शूराय नमः — वीर योद्धा

ॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः — दैत्य कुल संहारकर्ता

ॐ सुरार्चिताय नमः — देवताओं द्वारा पूजित

ॐ महातेजसे नमः — महान तेज वाले

ॐ रामचूडामणिप्रदाय नमः — राम की निशानी सीता को देने वाले

ॐ कामरूपिणे नमः — इच्छानुसार रूप बदलने वाले

ॐ पिङ्गलाक्षाय नमः — ताम्रवर्ण नेत्र वाले

ॐ वार्धिमैनाकपूजिताय नमः — मैनाक पर्वत द्वारा पूजित

ॐ कबलिकृतमार्तण्डमण्डलाय नमः — सूर्य मंडल को निगलने की शक्ति वाले

ॐ विजितेन्द्रियाय नमः — इंद्रियों पर विजय पाने वाले

ॐ रामसुग्रीवसंधात्रे नमः — राम–सुग्रीव मिलन कराने वाले

ॐ महिरावणमर्दनाय नमः — महिरावण का वध करने वाले

ॐ स्फटिकाभाय नमः — स्फटिक समान शुद्ध

ॐ वागधीशाय नमः — वाणी के स्वामी

ॐ नवव्याकृतिपण्डिताय नमः — नौ व्याकरणों के ज्ञाता

ॐ चतुर्बाहवे नमः — चार भुजाओं वाले

ॐ दीनबन्धवे नमः — दीनों के सहायक

ॐ महात्मने नमः — महान आत्मा

ॐ भक्तवत्सलाय नमः — भक्तों पर दयालु

ॐ संजीवननगाहर्त्रे नमः — संजीवनी पर्वत लाने वाले

ॐ शुचये नमः — पवित्र

ॐ वाग्मिने नमः — वाणी में निपुण

ॐ दृढ़व्रताय नमः — दृढ़ संकल्प वाले

ॐ कालनेमिप्रमथनाय नमः — कालनेमि का वध करने वाले

ॐ हरिमर्कटमार्कटाय नमः — हरि के प्रिय वानर

ॐ दान्ताय नमः — संयमी

ॐ शान्ताय नमः — शांत स्वभाव वाले

ॐ प्रसन्नात्मने नमः — प्रसन्नचित्त

ॐ शतकण्ठमदापहर्त्रे नमः — इंद्र के अभिमान को नष्ट करने वाले

ॐ योगिने नमः — महान योगी

ॐ रामकथालोलाय नमः — रामकथा में लीन

ॐ सीतान्वेषणपण्डिताय नमः — सीता की खोज में सिद्ध

ॐ वज्रदंष्ट्राय नमः — वज्र जैसे दाँत

ॐ वज्रनखाय नमः — वज्र जैसे नाखून

ॐ रुद्रवीर्यसमुद्भवाय नमः — शिवशक्ति से उत्पन्न

ॐ इन्द्रजित्प्रहितामोघब्रह्मास्त्रविनिवारकाय नमः — इंद्रजीत के ब्रह्मास्त्र को निष्फल करने वाले

ॐ पार्थध्वजाग्रसंवासिने नमः — अर्जुन के रथध्वज पर रहने वाले

ॐ शरपञ्जरभेदकाय नमः — बाणों की कैद को तोड़ने वाले

ॐ दशबाहवे नमः — दस भुजाओं वाले

ॐ लोकपूज्याय नमः — तीनों लोकों में पूजित

ॐ जाम्बवत्प्रीतिवर्धनाय नमः — जाम्बवान को प्रसन्न करने वाले

ॐ सीतासमेतश्रीरामपादसेवादुरंधराय नमः — श्रीराम–सीता के चरणों की सेवा में निपुण

जो भी भक्त श्रद्धा और एकाग्रता से अंजनेय अष्टोत्तर शतनामावली का जप करता है, उसके जीवन में भक्ति, शक्ति, शांति और सफलता के द्वार स्वयं खुलने लगते हैं।
जय श्री राम 🚩 जय बजरंगबली 🙏

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अंजनेय अष्टोत्तर शतनामावली, जिसे श्री हनुमान जी के 108 पवित्र नामों के रूप में जाना जाता है, भक्ति, शक्ति और एकाग्रता का अद्भुत स्रोत है। यह नामावलि भक्तों को हनुमान जी के विविध स्वरूपों, गुणों और दिव्य लीलाओं से जोड़ती है। हर नाम में एक विशेष आध्यात्मिक शक्ति छिपी है, जो भक्त के भीतर साहस, बुद्धि, ऊर्जा और देवकृपा का संचार करती है। नियमित जप से जीवन में नकारात्मकता का नाश, बाधाओं का समाधान और ईष्ट सिद्धि प्राप्त होती है।

 

Anjaneya Ashtottara Shatanamavali

🌺अंजनेय अष्टोत्तर शतनामावली 🌺

ॐ आञ्जनेयाय नमः — अंजना के पुत्र को नमस्कार

ॐ महावीराय नमः — परम वीर को नमस्कार

ॐ हनुमते नमः — हनुमान स्वरूप को नमस्कार

ॐ मारुतात्मजाय नमः — पवनदेव के पुत्र

ॐ तत्त्वज्ञानप्रदाय नमः — आध्यात्मिक ज्ञान देने वाले

ॐ सीतादेवीमुद्राप्रदायकाय नमः — सीता माता की निशानी लाने वाले

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ॐ सर्वमायाविभञ्जनाय नमः — सभी माया का नाश करने वाले

ॐ सर्वबन्धविमोक्त्रे नमः — सभी बंधनों से मुक्त कराने वाले

ॐ राक्षोविध्वंसकारकाय नमः — राक्षसों का विनाश करने वाले

ॐ परविद्यापरीहारे नमः — शत्रु की विद्या नष्ट करने वाले

ॐ परशौर्यविनाशनाय नमः — शत्रु के पराक्रम को तोड़ने वाले

ॐ पर मन्त्र निराकर्त्रे नमः — शत्रु मंत्रों को निष्फल करने वाले

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ॐ मनोजवाय नमः — मन से भी तेज वेग वाले

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ॐ सर्वमन्त्रस्वरूपवते नमः — सभी मंत्रों के स्वरूप

ॐ सर्वतन्त्रस्वरूपिणे नमः — सभी तंत्रों के स्वरूप

ॐ सर्वयन्त्रात्मकाय नमः — सभी यंत्रों के मूल स्वरूप

ॐ कपिश्वराय नमः — कपियों के इश्वर

ॐ महाकायाय नमः — विशाल शरीर वाले

ॐ सर्वरोगहराय नमः — सभी रोग हरने वाले

ॐ प्रभवे नमः — अत्यंत प्रभावशाली

ॐ बलसिद्धिकराय नमः — बल सिद्धि देने वाले

ॐ सर्वविद्यासम्पत्प्रदायकाय नमः — विद्या व संपत्ति प्रदान करने वाले

ॐ कपिसेनानायकाय नमः — वानर सेना के नायक

ॐ भविष्यच्छतुर्ननाय नमः — भविष्यो में ब्रह्मा समान

ॐ कुमारब्रह्मचारिणे नमः — बाल ब्रह्मचारी

ॐ रत्नकुण्डलदीप्तिमते नमः — रत्नों से चमकते कुंडल धारण करने वाले

ॐ संचलद्वालसन्नद्धलम्बमानशिखोज्जवलाय नमः — लहराती पूँछ और उज्जवल केश वाले

ॐ गन्धर्वविद्यातत्त्वज्ञाय नमः — गंधर्व विद्या के ज्ञाता

ॐ महाबलपराक्रमाय नमः — अपार बल और पराक्रम वाले

ॐ कारागृहविमोक्त्रे नमः — बंदीगृह से मुक्त कराने वाले

ॐ श्रृंखला बन्धमोचकाय नमः — बेड़ियाँ काटने वाले

ॐ सागरोतारकाय नमः — सागर पार करवाने वाले

ॐ प्राज्ञाय नमः — अत्यंत बुद्धिमान

ॐ रामदूताय नमः — भगवान राम के दूत

ॐ प्रतापवते नमः — तेजस्वी और पराक्रमी

ॐ वानराय नमः — वानर रूपधारी

ॐ केसरीसुताय नमः — केसरी के पुत्र

ॐ सीताशोकनिवारकाय नमः — सीता माता का शोक हरने वाले

ॐ अञ्जनागर्भसम्भूताय नमः — अंजना के गर्भ से उत्पन्न

ॐ बालार्कसदृशाननाय नमः — सुबह के सूर्य समान तेजमुख वाले

ॐ विभीषणप्रियकराय नमः — विभीषण के प्रिय

ॐ दशग्रीवकुलान्तकाय नमः — रावण कुल का अंत करने वाले

ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः — लक्ष्मण के प्राणदाता

ॐ वज्रकायाय नमः — वज्र समान शरीर वाले

ॐ महाद्युतये नमः — महान तेजस्वी

ॐ चिरंजीविने नमः — अमर

ॐ रामभक्ताय नमः — भगवान राम के महान भक्त

ॐ दैत्यकार्यविघातकाय नमः — दैत्य कार्य विफल करने वाले

ॐ अक्षहन्त्रे नमः — अक्षकुमार का वध करने वाले

ॐ काञ्चनाभाय नमः — सोने के समान चमकते

ॐ पंचवक्त्राय नमः — पंचमुखी रूप वाले

ॐ महातपसे नमः — महान तपस्वी

ॐ लंकिणीभञ्जनाय नमः — लंकिनी का नाश करने वाले

ॐ श्रीमते नमः — श्री सम्पन्न

ॐ सिंहींकाप्राणभञ्जनाय नमः — सिंहिका का वध करने वाले

ॐ गन्धमादनशैलस्थाय नमः — गंधमादन पर्वत पर स्थित

ॐ लंकापुरविदाहकाय नमः — लंका जलाने वाले

ॐ सुग्रीवसचिवाय नमः — सुग्रीव के मंत्री

ॐ धीराय नमः — धैर्यवान

ॐ शूराय नमः — वीर योद्धा

ॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः — दैत्य कुल संहारकर्ता

ॐ सुरार्चिताय नमः — देवताओं द्वारा पूजित

ॐ महातेजसे नमः — महान तेज वाले

ॐ रामचूडामणिप्रदाय नमः — राम की निशानी सीता को देने वाले

ॐ कामरूपिणे नमः — इच्छानुसार रूप बदलने वाले

ॐ पिङ्गलाक्षाय नमः — ताम्रवर्ण नेत्र वाले

ॐ वार्धिमैनाकपूजिताय नमः — मैनाक पर्वत द्वारा पूजित

ॐ कबलिकृतमार्तण्डमण्डलाय नमः — सूर्य मंडल को निगलने की शक्ति वाले

ॐ विजितेन्द्रियाय नमः — इंद्रियों पर विजय पाने वाले

ॐ रामसुग्रीवसंधात्रे नमः — राम–सुग्रीव मिलन कराने वाले

ॐ महिरावणमर्दनाय नमः — महिरावण का वध करने वाले

ॐ स्फटिकाभाय नमः — स्फटिक समान शुद्ध

ॐ वागधीशाय नमः — वाणी के स्वामी

ॐ नवव्याकृतिपण्डिताय नमः — नौ व्याकरणों के ज्ञाता

ॐ चतुर्बाहवे नमः — चार भुजाओं वाले

ॐ दीनबन्धवे नमः — दीनों के सहायक

ॐ महात्मने नमः — महान आत्मा

ॐ भक्तवत्सलाय नमः — भक्तों पर दयालु

ॐ संजीवननगाहर्त्रे नमः — संजीवनी पर्वत लाने वाले

ॐ शुचये नमः — पवित्र

ॐ वाग्मिने नमः — वाणी में निपुण

ॐ दृढ़व्रताय नमः — दृढ़ संकल्प वाले

ॐ कालनेमिप्रमथनाय नमः — कालनेमि का वध करने वाले

ॐ हरिमर्कटमार्कटाय नमः — हरि के प्रिय वानर

ॐ दान्ताय नमः — संयमी

ॐ शान्ताय नमः — शांत स्वभाव वाले

ॐ प्रसन्नात्मने नमः — प्रसन्नचित्त

ॐ शतकण्ठमदापहर्त्रे नमः — इंद्र के अभिमान को नष्ट करने वाले

ॐ योगिने नमः — महान योगी

ॐ रामकथालोलाय नमः — रामकथा में लीन

ॐ सीतान्वेषणपण्डिताय नमः — सीता की खोज में सिद्ध

ॐ वज्रदंष्ट्राय नमः — वज्र जैसे दाँत

ॐ वज्रनखाय नमः — वज्र जैसे नाखून

ॐ रुद्रवीर्यसमुद्भवाय नमः — शिवशक्ति से उत्पन्न

ॐ इन्द्रजित्प्रहितामोघब्रह्मास्त्रविनिवारकाय नमः — इंद्रजीत के ब्रह्मास्त्र को निष्फल करने वाले

ॐ पार्थध्वजाग्रसंवासिने नमः — अर्जुन के रथध्वज पर रहने वाले

ॐ शरपञ्जरभेदकाय नमः — बाणों की कैद को तोड़ने वाले

ॐ दशबाहवे नमः — दस भुजाओं वाले

ॐ लोकपूज्याय नमः — तीनों लोकों में पूजित

ॐ जाम्बवत्प्रीतिवर्धनाय नमः — जाम्बवान को प्रसन्न करने वाले

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जो भी भक्त श्रद्धा और एकाग्रता से अंजनेय अष्टोत्तर शतनामावली का जप करता है, उसके जीवन में भक्ति, शक्ति, शांति और सफलता के द्वार स्वयं खुलने लगते हैं।
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