Sri Hanuman Sankat Mochan Stotra
संकटमोचन हनुमान स्तोत्र मत्तगयन्द छन्दबाल समय रबि भक्षि लियो तब तीनहुँ लोक भयो अँधियारो ।ताहि सों त्रास भयो जग को यह संकट काहु सों जात न टारो ।देवन आनि करी बिनती तब छाँड़ि दियो रबि कष्ट निवारो ।को नहिं जानत है जगमें कपि संकटमोचन नाम तिहारो ॥ १ ॥ बालि की त्रास कपीस बसै गिरि […]

