.

Remedywala

  • Uncategorized

    Sri Hanuman Bhakti Pravaha Mala ||

    श्री हनुमान भक्ति प्रवाह माला का अर्थ होता है हनुमान जी के प्रति श्रद्धा और भक्ति की एक निरंतर और अनवरत धारा। यह माला विशेष रूप से उन भक्तों के लिए होती है, जो हनुमान जी के चरणों में पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ अपनी भक्ति की यात्रा पर निकलते हैं। इस माला के […]

    CONTINUE READING ➞
  • Uncategorized

    Dhana Lakshmi Ashtakam

    धन लक्ष्मी अष्टकम् वन्दे लक्ष्मीं परां शक्तिंसुवर्णाम्बरधारिणीम् । हिरण्यमयीं लक्ष्मीं सौम्यां धनधान्यप्रदायिनीम् ॥ नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते । शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि । सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयङ्करि । सर्वदुःखहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ सिद्धि बुद्धि प्रदे देवि भुक्ति मुक्तिप्रदायिनि । मन्त्र मूर्ते सदा देवि महालक्ष्मि […]

    CONTINUE READING ➞
  • Uncategorized

    Ashta Lakshmi Ashtakam

                              II अष्टलक्ष्मी अष्टकम् ॥                 1. आदि लक्ष्मी स्तुति सुमनस वन्दितसुन्दरि माधवि, चन्द्र सहोदरि हेममयी ।गुणनिधि लोकहितैषिणि, कारुण्यरसायनि श्रीरङ्गधामनि ॥सकललोकैकजननि सर्वविधानुत॥हरिहर ब्रह्मसुपूजितवैभवकारिणि शङ्करि पालय माम् ।। १ ।।                 […]

    CONTINUE READING ➞
  • Uncategorized

    Vidya Lakshmi Ashtakam

    विद्या लक्ष्मी माता लक्ष्मी का वह दिव्य स्वरूप हैं जो ज्ञान, बुद्धि, विद्या, विवेक और प्रज्ञा का प्रतीक है। विद्या लक्ष्मी अष्टकम् एक पवित्र स्तुति है, जो अष्टलक्ष्मी स्तोत्र का ही अंग मानी जाती है। इसका पाठ विशेष रूप से बुद्धि की स्पष्टता, अध्ययन में सफलता (विशेषकर परीक्षाओं में), यश, प्रतिभा और आध्यात्मिक उन्नति के […]

    CONTINUE READING ➞
  • Uncategorized

    Santana Lakshmi Ashtakam

    संतान लक्ष्मी अष्टकम् नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे                सुरपूजिते ।शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि ।सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयङ्करि ।सर्वदुःखहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ संतानलक्ष्मि नमस्तुभ्यं सर्वाभीष्टप्रदायिनि ।सर्वसौभाग्यदे देवि पुत्रपौत्रविवर्धिनि ॥ आद्यन्तरहिते देवि आदिशक्ते महेश्वरि ।योगज्ञे योगसम्भूते सन्तानं देहि मे सदा ॥ […]

    CONTINUE READING ➞
  • Uncategorized

    || ASHTALAKSHMI HOMAM | अष्टलक्ष्मी होमम ||

    Pournami & Ashta Lakshmi पूर्णिमा: एक पूर्णिमा का दिन जो देता है दिव्यता और समृद्धि पूर्णिमा का दिन आमतौर पर देवताओं की पूजा-अर्चना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह अंधकार की समाप्ति और प्रकाश/तेजस्विता के उदय का प्रतीक है। यह दिन पूर्णता, समृद्धि और ऐश्वर्य को भी आकर्षित करता है। जब इस शुभ […]

    CONTINUE READING ➞
  • Uncategorized

    Sri Suktam || श्री सूक्तम् ||

    श्री सूक्त ॐ हिरण्यवर्णाम हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्।चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥१॥ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्।यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम्॥२॥ अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रबोधिनीम्।श्रियं देवीमुपह्वये श्रीर्मादेवी जुषताम्॥३॥ कांसोस्मितां हिरण्यप्राकारां आद्रां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीम्।पद्मेस्थितां पद्मवर्णां तामिहोपह्वयेश्रियम्॥४॥ चन्द्रां प्रभासां यशसा ज्वलन्तीं श्रियंलोके देव जुष्टामुदाराम्।तां पद्मिनीमीं शरणमहं प्रपद्येऽलक्ष्मीर्मे नश्यतां त्वां वृणे॥५॥ आदित्यवर्णे तपसोऽधिजातो वनस्पतिस्तववृक्षोथ बिल्व:।तस्य फलानि तपसानुदन्तु मायान्तरायाश्च बाह्या […]

    CONTINUE READING ➞
  • Uncategorized

    Santana Lakshmi Stotra || संतान लक्ष्मी स्तोत्र ||

    संतान लक्ष्मी स्तोत्र ॐ देवि संतनलक्ष्म्यै नमः। जय जय देवि संतनलक्ष्मिमाता भवानी नमो नमः।सकल जगत् की जननी तुम होसंतान सुखदायिनी नमो नमः॥ श्वेताम्बरधरा शुभ्रंश्वेतपद्मासनस्थिताम्।श्वेतमाल्यांबरधारिणींश्वेतगन्धानुलेपनाम्॥ पायसप्रियं संततिं दायिनींवरदां मंगलरूपिणीम्।पुत्रपौत्रप्रदां देवींसंतानलक्ष्मीं भजाम्यहम्॥ कराग्रकृतवक्षोजांकरपद्माभयप्रदाम्।हंसयुक्तविमानस्थांसंतानलक्ष्मीं नमाम्यहम्॥ आयुर्बलयशोमेधांसंपदं पुत्रपौत्रकाम्।संतानसुखदां नित्यंसंतानलक्ष्मीं नमाम्यहम्॥ नमस्ते देवि संतनलक्ष्मिगृहाण वरदान् मम।संततिं देहि मे नित्यंभवभयहरिणीं शुभाम्॥ यः पठेत् संतनलक्ष्मीस्तोत्रंश्रद्धया भक्तिसंयुतः।स लभेत् पुत्रसंतानंदीर्घायुः सुखमाप्नुयात्॥ Santana Lakshmi Stotra […]

    CONTINUE READING ➞
Categories
Archives
My Cart
Wishlist
Recently Viewed
Categories