.

Remedywala

Categories
Archives
Remedywala Energized Vastu Metal Strips
Remedywala Energized Vastu Metal Strips
₹2500₹1299
Shop Now
White Sage Cleansing Stick
White Sage Cleansing Stick
₹1999₹999
Shop Now
Siddh Sampurna Baglamukhi Yantram(4 inch)
Siddh Sampurna Baglamukhi Yantram(4 inch)
₹1999₹999
Shop Now
Green Aventurine Angel (3 Inch) – Remedywala
Green Aventurine Angel (3 Inch) – Remedywala
₹1499₹399
Shop Now
5 Mukhi Small Rudraksha Bracelet
5 Mukhi Small Rudraksha Bracelet
₹999₹519
Shop Now
Rose Quartz Heart Shaped Wire Wrapped Pendant
Rose Quartz Heart Shaped Wire Wrapped Pendant
₹996₹267
Shop Now
Hanuman Siddhi Stotram

ध्यानश्लोका 

मनोजवं मारुततुल्य वेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् । वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरण प्रपद्ये ।।

1- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, वायुसुताय, अंजनीगर्भसम्भूताय, अखण्डब्रह्मचर्यव्रतपालन-तत्पराय, धवलीकृत जगत् त्रितयाया, ज्वलदग्निसूर्यकोटिसमप्रभाय, प्रकटपराक्रमाय, आक्रान्तदिग्‌मण्डलाय, यशोवितानाय, यशोऽलंकृताय, शोभिताननाय, महासामर्थ्याय, महातेजपुंजः विराजमानाय, श्रीरामभक्तितत्पराय, श्रीरामलक्ष्मणानन्दकारणाय, कपिसैन्यप्राकाराय, सुग्रीवसौख्यकारणाय, सुग्रीवसाहाय्यकारणाय, ब्रह्मास्त्र ब्रह्मशक्ति ग्रसनाय, लक्ष्मणशक्ति भेदनिवारणाय, शल्य विशल्यौषधि समानयनाय, बालोदित भानुमण्डल ग्रसनाय, अक्षयकुमार-छेदनाय, वनरक्षाकर समूहविभंजनाय, द्रोणपर्वतोत्पाटनाय, स्वामिवचन सम्पादितार्जुन संयुग संग्रामाय, गम्भीरशब्दोदयाय, दक्षिणाशामार्तण्डाय, मेरुपर्वत-पीठिकार्चनाय, दावानल-कालाग्नि-रुद्राय, समुद्रलंघनाय, सीताऽऽश्वासनाय, सीतारक्षकाय, राक्षसीसंघ-विदारणाय, अशोकवन-विदारणाय, लंकापुरीदहनाय, दशग्रीवशिरः कृन्तकाय, कुम्भकर्णादि-वधकारणाय, बालिनिवर्हणकारणाय, मेघनादहोमविध्वंसनाय, इन्द्रजीतवधकारणाय, सर्वशास्त्रपारंगताय, सर्वभयनिवारणाय, सर्वग्रहविनाशकाय, सर्वज्वरहराय, सर्वकष्टनिवारणाय, सर्वापत्तिनिवारणाय, सर्वदुष्टादिनिबर्हणाय, सर्वशत्रुच्छेदनाय, भूत प्रेत पिशाच डाकिनी शाकिनी ध्वंसकाय, सर्वकार्यसाधकाय, प्राणिमात्ररक्षकाय, रामदूताय स्वाहा।
2- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, विश्वरूपाय, अमितविक्रमाय, प्रकटपराक्रमाय, महाबलाय, सूर्यकोटिसमप्रभाय, रामदूताय स्वाहा।
3- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, रामसेवकाय, रामभक्तितत्पराय, रामहृदयाय, लक्ष्मणशक्ति-भेदनिवारणाय, दुष्टनिबर्हणाय, रामदूताय स्वाहा। लक्ष्मणरक्षकाय,
4- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, सर्वशत्रुसंहारणाय, सर्वरोगहराय, सर्ववशीकरणाय, रामदूताय स्वाहा।
5- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, आध्यात्मिकाधि दैविकाधि भौतिक तापत्रय निवारणाय, रामदूताय स्वाहा।
6- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, देवदानवर्षिमुनिवरदाय, रामदूताय स्वाहा।
7- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, भक्तजनमनः कल्पनाकल्पमुद्राय, दुष्टमनोरथस्तम्भनाय, प्रभंजनप्राणप्रियाय, रामदूताय स्वाहा।
8- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, वज्रदेहाय, वज्रनखाय, वज्रमुखाय, वज्ररोम्णे, वज्रनेत्राय, वज्रदन्ताय, वज्रकराय, वज्रभक्ताय, रामदूताय स्वाहा।
9- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पर यंत्र मंत्र तंत्र त्राटक नाशकाय, सर्वज्वरच्छेदकाय, सर्वव्याधि-निकृन्तकाय, सर्वभयप्रशमनाय, सर्वदुष्टमुखस्तम्भनाय, सर्वकार्यसिद्धिप्रदाय, रामदूताय स्वाहा।
10-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, देव दानव यक्ष राक्षस भूत प्रेत पिशाच डाकिनी शाकिनी दुष्टग्रहबन्धनाय, रामदूताय स्वाहा।
11-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पंचवदनाय, पूर्वमुखे सकलशत्रुसंहारकाय, रामदूताय स्वाहा।
12-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पंचवदनाय, दक्षिणमुखे करालवदनाय, नारसिंहाय, सकलभूतप्रेतदमनाय, रामदूताय स्वाहा।
13-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पंचवदनाय, पश्चिममुखे गरुडाय, सकलविषनिवारणाय, रामदूताय स्वाहा।
14-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पंचवदनाय, उत्तरमुखे आदि वराहाय, सकल सम्पत् कराय, रामदूताय स्वाहा।
15-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, ऊर्ध्वमुखे हयग्रीवाय, सकलजन वशीकरणाय, रामदूताय स्वाहा।
16-ॐनमो हनुमते रुद्रावताराय, सर्वग्रहान, भूतभविष्यवर्त्तमानान्, समीपस्थान् सर्वकाल दुष्टबुद्धिनुच्चाटयोच्चाटय, परबलानि क्षोभय-क्षोभय, मम सर्वकार्याणि साधय-साधय स्वाहा।
17-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, परकृत यंत्रमंत्रतंत्रपराहंकार भूतप्रेतपिशाच, परदृष्टि, सर्वविघ्न तर्जन चेटकविद्या, सर्वग्रह भयं निवारय-निवारय स्वाहा।
18-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, डाकिनी-शकिनी, ब्रह्मराक्षस कुल पिशाचोरु भयं निवारय-निवारय स्वाहा।
19-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, भूतज्वर प्रेतज्वर चातुर्थिकज्वर विष्णुज्वर महेशज्वर निवारय-निवारय स्वाहा।
20-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, अक्षिशूल पक्षशूल शिरोऽभ्यन्तरशूल पित्तशूल ब्रह्मराक्षसशूल पिशाच कुलच्छेदनं निवारय निवारय स्वाहा। अन्त में आरती व क्षमायाचना करें।

।। श्रीहनुमत्सिद्धि मंत्र स्तोत्र ।।

यह महास्तोत्र अत्यन्त कठिन परिस्थिति तथा घोर संकट में साधक की रक्षा करता है। इसके समुचित प्रयोग से परप्रयोग, ग्रहपीड़ा, प्रेतबाधा, शत्रुपीड़ा, सर्वभय, असाध्य रोग तथा कोर्टकचहरी से साधक को मुक्ति मिलती है। हनुमानजी उग्र देवता के रूप में जाने जाते हैं। अतः इनकी उपासना योग्य गुरु या विद्वान के सरंक्षण में ही करनी चाहिये। अन्यथा लाभ की जगह हानि भी हो सकती है। प्रथम बार इनकी उपासना करने वाले साधक को कई बार आरम्भ में क्रोध अधिक आ सकता है या शरीर में भारीपन या दर्द बना रहता है, कुछ समय बाद स्थिति अनुकूल हो जाती है। नियमपूर्वक नित्य 108 पाठ 41 दिन तक करने से साधक मनोवांछित फल प्राप्त करता है। महासिद्धि के लिये प्रत्येक मंत्र के 11 हजार जप विधिपूर्वक करें। बजरंगबली की पूजा से पहले श्रीराम व सीताजी की सूक्ष्म पूजा अवश्य करनी चाहिये। नित्य शिवलिंग को दुग्धादि से स्नान कराने तथा शनिवार एवं मंगलवार को हनुमानजी के मन्दिर चोला व प्रसादादि चढ़ाना से उत्तम फल मिलता है।

Shriparni Vastu Brahma Nabhi or Vaastu Brahma Shanku
Shriparni Vastu Brahma Nabhi or Vaastu Brahma Shanku
Shop Now
Tortoise Meru Shriparni Shriyantra
Tortoise Meru Shriparni Shriyantra
₹2999₹1500
Shop Now
Meru Shriparni Shriyantra Vastu Pyramid
Meru Shriparni Shriyantra Vastu Pyramid
₹1999₹1113
Shop Now
Kuber Yantra 2D Plate
Kuber Yantra 2D Plate
₹1499₹627
Shop Now
Energized Brahma Pyramid Single Grid with sriparni Wooden Plate
Energized Brahma Pyramid Single Grid with sriparni Wooden Plate
₹1999₹999
Shop Now
Kanakdhara Yantra Pyramid 3D (6 Inch Approx)
Kanakdhara Yantra Pyramid 3D (6 Inch Approx)
₹2499₹1266
Shop Now

Related Post

Categories
Archives
Hanuman Siddhi Stotram

ध्यानश्लोका 

मनोजवं मारुततुल्य वेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् । वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरण प्रपद्ये ।।

1- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, वायुसुताय, अंजनीगर्भसम्भूताय, अखण्डब्रह्मचर्यव्रतपालन-तत्पराय, धवलीकृत जगत् त्रितयाया, ज्वलदग्निसूर्यकोटिसमप्रभाय, प्रकटपराक्रमाय, आक्रान्तदिग्‌मण्डलाय, यशोवितानाय, यशोऽलंकृताय, शोभिताननाय, महासामर्थ्याय, महातेजपुंजः विराजमानाय, श्रीरामभक्तितत्पराय, श्रीरामलक्ष्मणानन्दकारणाय, कपिसैन्यप्राकाराय, सुग्रीवसौख्यकारणाय, सुग्रीवसाहाय्यकारणाय, ब्रह्मास्त्र ब्रह्मशक्ति ग्रसनाय, लक्ष्मणशक्ति भेदनिवारणाय, शल्य विशल्यौषधि समानयनाय, बालोदित भानुमण्डल ग्रसनाय, अक्षयकुमार-छेदनाय, वनरक्षाकर समूहविभंजनाय, द्रोणपर्वतोत्पाटनाय, स्वामिवचन सम्पादितार्जुन संयुग संग्रामाय, गम्भीरशब्दोदयाय, दक्षिणाशामार्तण्डाय, मेरुपर्वत-पीठिकार्चनाय, दावानल-कालाग्नि-रुद्राय, समुद्रलंघनाय, सीताऽऽश्वासनाय, सीतारक्षकाय, राक्षसीसंघ-विदारणाय, अशोकवन-विदारणाय, लंकापुरीदहनाय, दशग्रीवशिरः कृन्तकाय, कुम्भकर्णादि-वधकारणाय, बालिनिवर्हणकारणाय, मेघनादहोमविध्वंसनाय, इन्द्रजीतवधकारणाय, सर्वशास्त्रपारंगताय, सर्वभयनिवारणाय, सर्वग्रहविनाशकाय, सर्वज्वरहराय, सर्वकष्टनिवारणाय, सर्वापत्तिनिवारणाय, सर्वदुष्टादिनिबर्हणाय, सर्वशत्रुच्छेदनाय, भूत प्रेत पिशाच डाकिनी शाकिनी ध्वंसकाय, सर्वकार्यसाधकाय, प्राणिमात्ररक्षकाय, रामदूताय स्वाहा।
2- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, विश्वरूपाय, अमितविक्रमाय, प्रकटपराक्रमाय, महाबलाय, सूर्यकोटिसमप्रभाय, रामदूताय स्वाहा।
3- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, रामसेवकाय, रामभक्तितत्पराय, रामहृदयाय, लक्ष्मणशक्ति-भेदनिवारणाय, दुष्टनिबर्हणाय, रामदूताय स्वाहा। लक्ष्मणरक्षकाय,
4- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, सर्वशत्रुसंहारणाय, सर्वरोगहराय, सर्ववशीकरणाय, रामदूताय स्वाहा।
5- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, आध्यात्मिकाधि दैविकाधि भौतिक तापत्रय निवारणाय, रामदूताय स्वाहा।
6- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, देवदानवर्षिमुनिवरदाय, रामदूताय स्वाहा।
7- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, भक्तजनमनः कल्पनाकल्पमुद्राय, दुष्टमनोरथस्तम्भनाय, प्रभंजनप्राणप्रियाय, रामदूताय स्वाहा।
8- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, वज्रदेहाय, वज्रनखाय, वज्रमुखाय, वज्ररोम्णे, वज्रनेत्राय, वज्रदन्ताय, वज्रकराय, वज्रभक्ताय, रामदूताय स्वाहा।
9- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पर यंत्र मंत्र तंत्र त्राटक नाशकाय, सर्वज्वरच्छेदकाय, सर्वव्याधि-निकृन्तकाय, सर्वभयप्रशमनाय, सर्वदुष्टमुखस्तम्भनाय, सर्वकार्यसिद्धिप्रदाय, रामदूताय स्वाहा।
10-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, देव दानव यक्ष राक्षस भूत प्रेत पिशाच डाकिनी शाकिनी दुष्टग्रहबन्धनाय, रामदूताय स्वाहा।
11-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पंचवदनाय, पूर्वमुखे सकलशत्रुसंहारकाय, रामदूताय स्वाहा।
12-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पंचवदनाय, दक्षिणमुखे करालवदनाय, नारसिंहाय, सकलभूतप्रेतदमनाय, रामदूताय स्वाहा।
13-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पंचवदनाय, पश्चिममुखे गरुडाय, सकलविषनिवारणाय, रामदूताय स्वाहा।
14-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पंचवदनाय, उत्तरमुखे आदि वराहाय, सकल सम्पत् कराय, रामदूताय स्वाहा।
15-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, ऊर्ध्वमुखे हयग्रीवाय, सकलजन वशीकरणाय, रामदूताय स्वाहा।
16-ॐनमो हनुमते रुद्रावताराय, सर्वग्रहान, भूतभविष्यवर्त्तमानान्, समीपस्थान् सर्वकाल दुष्टबुद्धिनुच्चाटयोच्चाटय, परबलानि क्षोभय-क्षोभय, मम सर्वकार्याणि साधय-साधय स्वाहा।
17-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, परकृत यंत्रमंत्रतंत्रपराहंकार भूतप्रेतपिशाच, परदृष्टि, सर्वविघ्न तर्जन चेटकविद्या, सर्वग्रह भयं निवारय-निवारय स्वाहा।
18-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, डाकिनी-शकिनी, ब्रह्मराक्षस कुल पिशाचोरु भयं निवारय-निवारय स्वाहा।
19-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, भूतज्वर प्रेतज्वर चातुर्थिकज्वर विष्णुज्वर महेशज्वर निवारय-निवारय स्वाहा।
20-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, अक्षिशूल पक्षशूल शिरोऽभ्यन्तरशूल पित्तशूल ब्रह्मराक्षसशूल पिशाच कुलच्छेदनं निवारय निवारय स्वाहा। अन्त में आरती व क्षमायाचना करें।

।। श्रीहनुमत्सिद्धि मंत्र स्तोत्र ।।

यह महास्तोत्र अत्यन्त कठिन परिस्थिति तथा घोर संकट में साधक की रक्षा करता है। इसके समुचित प्रयोग से परप्रयोग, ग्रहपीड़ा, प्रेतबाधा, शत्रुपीड़ा, सर्वभय, असाध्य रोग तथा कोर्टकचहरी से साधक को मुक्ति मिलती है। हनुमानजी उग्र देवता के रूप में जाने जाते हैं। अतः इनकी उपासना योग्य गुरु या विद्वान के सरंक्षण में ही करनी चाहिये। अन्यथा लाभ की जगह हानि भी हो सकती है। प्रथम बार इनकी उपासना करने वाले साधक को कई बार आरम्भ में क्रोध अधिक आ सकता है या शरीर में भारीपन या दर्द बना रहता है, कुछ समय बाद स्थिति अनुकूल हो जाती है। नियमपूर्वक नित्य 108 पाठ 41 दिन तक करने से साधक मनोवांछित फल प्राप्त करता है। महासिद्धि के लिये प्रत्येक मंत्र के 11 हजार जप विधिपूर्वक करें। बजरंगबली की पूजा से पहले श्रीराम व सीताजी की सूक्ष्म पूजा अवश्य करनी चाहिये। नित्य शिवलिंग को दुग्धादि से स्नान कराने तथा शनिवार एवं मंगलवार को हनुमानजी के मन्दिर चोला व प्रसादादि चढ़ाना से उत्तम फल मिलता है।

My Cart
Wishlist
Recently Viewed
Categories