ध्यानश्लोका
मनोजवं मारुततुल्य वेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् । वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरण प्रपद्ये ।।
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| 1- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, वायुसुताय, अंजनीगर्भसम्भूताय, अखण्डब्रह्मचर्यव्रतपालन-तत्पराय, धवलीकृत जगत् त्रितयाया, ज्वलदग्निसूर्यकोटिसमप्रभाय, प्रकटपराक्रमाय, आक्रान्तदिग्मण्डलाय, यशोवितानाय, यशोऽलंकृताय, शोभिताननाय, महासामर्थ्याय, महातेजपुंजः विराजमानाय, श्रीरामभक्तितत्पराय, श्रीरामलक्ष्मणानन्दकारणाय, कपिसैन्यप्राकाराय, सुग्रीवसौख्यकारणाय, सुग्रीवसाहाय्यकारणाय, ब्रह्मास्त्र ब्रह्मशक्ति ग्रसनाय, लक्ष्मणशक्ति भेदनिवारणाय, शल्य विशल्यौषधि समानयनाय, बालोदित भानुमण्डल ग्रसनाय, अक्षयकुमार-छेदनाय, वनरक्षाकर समूहविभंजनाय, द्रोणपर्वतोत्पाटनाय, स्वामिवचन सम्पादितार्जुन संयुग संग्रामाय, गम्भीरशब्दोदयाय, दक्षिणाशामार्तण्डाय, मेरुपर्वत-पीठिकार्चनाय, दावानल-कालाग्नि-रुद्राय, समुद्रलंघनाय, सीताऽऽश्वासनाय, सीतारक्षकाय, राक्षसीसंघ-विदारणाय, अशोकवन-विदारणाय, लंकापुरीदहनाय, दशग्रीवशिरः कृन्तकाय, कुम्भकर्णादि-वधकारणाय, बालिनिवर्हणकारणाय, मेघनादहोमविध्वंसनाय, इन्द्रजीतवधकारणाय, सर्वशास्त्रपारंगताय, सर्वभयनिवारणाय, सर्वग्रहविनाशकाय, सर्वज्वरहराय, सर्वकष्टनिवारणाय, सर्वापत्तिनिवारणाय, सर्वदुष्टादिनिबर्हणाय, सर्वशत्रुच्छेदनाय, भूत प्रेत पिशाच डाकिनी शाकिनी ध्वंसकाय, सर्वकार्यसाधकाय, प्राणिमात्ररक्षकाय, रामदूताय स्वाहा। |
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| 2- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, विश्वरूपाय, अमितविक्रमाय, प्रकटपराक्रमाय, महाबलाय, सूर्यकोटिसमप्रभाय, रामदूताय स्वाहा। |
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| 3- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, रामसेवकाय, रामभक्तितत्पराय, रामहृदयाय, लक्ष्मणशक्ति-भेदनिवारणाय, दुष्टनिबर्हणाय, रामदूताय स्वाहा। लक्ष्मणरक्षकाय, |
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| 4- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, सर्वशत्रुसंहारणाय, सर्वरोगहराय, सर्ववशीकरणाय, रामदूताय स्वाहा। |
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| 5- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, आध्यात्मिकाधि दैविकाधि भौतिक तापत्रय निवारणाय, रामदूताय स्वाहा। |
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| 6- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, देवदानवर्षिमुनिवरदाय, रामदूताय स्वाहा। |
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| 7- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, भक्तजनमनः कल्पनाकल्पमुद्राय, दुष्टमनोरथस्तम्भनाय, प्रभंजनप्राणप्रियाय, रामदूताय स्वाहा। |
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| 8- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, वज्रदेहाय, वज्रनखाय, वज्रमुखाय, वज्ररोम्णे, वज्रनेत्राय, वज्रदन्ताय, वज्रकराय, वज्रभक्ताय, रामदूताय स्वाहा। |
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| 9- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पर यंत्र मंत्र तंत्र त्राटक नाशकाय, सर्वज्वरच्छेदकाय, सर्वव्याधि-निकृन्तकाय, सर्वभयप्रशमनाय, सर्वदुष्टमुखस्तम्भनाय, सर्वकार्यसिद्धिप्रदाय, रामदूताय स्वाहा। |
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| 10-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, देव दानव यक्ष राक्षस भूत प्रेत पिशाच डाकिनी शाकिनी दुष्टग्रहबन्धनाय, रामदूताय स्वाहा। |
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| 11-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पंचवदनाय, पूर्वमुखे सकलशत्रुसंहारकाय, रामदूताय स्वाहा। |
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| 12-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पंचवदनाय, दक्षिणमुखे करालवदनाय, नारसिंहाय, सकलभूतप्रेतदमनाय, रामदूताय स्वाहा। |
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| 13-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पंचवदनाय, पश्चिममुखे गरुडाय, सकलविषनिवारणाय, रामदूताय स्वाहा। |
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| 14-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पंचवदनाय, उत्तरमुखे आदि वराहाय, सकल सम्पत् कराय, रामदूताय स्वाहा। |
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| 15-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, ऊर्ध्वमुखे हयग्रीवाय, सकलजन वशीकरणाय, रामदूताय स्वाहा। |
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| 16-ॐनमो हनुमते रुद्रावताराय, सर्वग्रहान, भूतभविष्यवर्त्तमानान्, समीपस्थान् सर्वकाल दुष्टबुद्धिनुच्चाटयोच्चाटय, परबलानि क्षोभय-क्षोभय, मम सर्वकार्याणि साधय-साधय स्वाहा। |
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| 17-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, परकृत यंत्रमंत्रतंत्रपराहंकार भूतप्रेतपिशाच, परदृष्टि, सर्वविघ्न तर्जन चेटकविद्या, सर्वग्रह भयं निवारय-निवारय स्वाहा। |
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| 18-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, डाकिनी-शकिनी, ब्रह्मराक्षस कुल पिशाचोरु भयं निवारय-निवारय स्वाहा। |
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| 19-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, भूतज्वर प्रेतज्वर चातुर्थिकज्वर विष्णुज्वर महेशज्वर निवारय-निवारय स्वाहा। |
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| 20-ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, अक्षिशूल पक्षशूल शिरोऽभ्यन्तरशूल पित्तशूल ब्रह्मराक्षसशूल पिशाच कुलच्छेदनं निवारय निवारय स्वाहा। अन्त में आरती व क्षमायाचना करें। |
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